राजनांदगांव : आइपीएल सीजन के बीच सांई ऐप से आनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के तार रायपुर, नागपुर और अहमदाबाद से जुड़ रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार यहीं इस ऐप के सरगना मौजूद हैं जो पूरा नेटवर्क दूसरे राज्यों में तैयार कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस को महाराष्ट्र से बड़ी लीड मिलने की उम्मीद है। नागपुर से गिरफ्तार डिस्ट्रीब्यूटर सादिक खान से मिले लिंक खंगाले जा रहे हैं। पिछले दो सालों से चल रहे इस ऐप का पहली बार छत्तीसगढ़ कनेक्शन इसी महीने सामने आया था।
राजनांदगांव जिले में चार और छह अप्रैल को दो अलग-अलग कार्रवाईयों में आनलाइन सट्टेबाजी चैनल आपरेट करने वाले 10 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। इस कार्रवाई में ही सांई ऐप का नेटवर्क सामने आया। आरोपितों से पूछताछ में डिस्ट्रीब्यूटर नागपुर निवासी सादिक खान की जानकारी मिली थी। सादिक के पास से बरामद मोबाइल से कई महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस के हाथ लगी है।
डिस्ट्रीब्यूटर के मोबाइल पर मौजूद वाट्रसएप्प और टेलीग्राम से कई चैट मिली है। जिसमें लेन-देन, आइडी बनाने, आइडी ब्लाक करने या खोलने की जानकारी दर्ज है। इनमें कुछ नंबर गुजरात, नागपुर और रायपुर के बजाए जाते हैं। पुलिस अब इनका पता लगाने की कोशिशों में जुटी है।
10 से 25 हजार में बिकी आइडी
इस ऐप की एक आइडी 10 से 25 हजार रुपये तक में बिक रही है। सादिक ही यह आइडी बेचता रहा। ऐप में हर गेंद, ओवर के स्पेल पर सट्टेबाजी के विकल्प शामिल थे। इतना ही नहीं इस ऐप में ही सारा हिसाब-किताब रखा जाता था। इसमें ही किसने कितने रुपये लगाए और किसने कितने रुपये हारे या जीते सारी जानकारी मौजूद होती है।
कमाई का कोई अनुमान नहीं
इंक्रिप्टेड काल, म्यूल अकाउंट का जाल फैले होने के चलते ऐप का संचालन करने वाले लोगों की जानकारी जुटाने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। पुलिस के अनुसार महाराष्ट्र में इसका नेटवर्क काफी बड़ा है जो कि छत्तीसगढ़ तक फैल गया है। यह अनुमान भी लगा पाना संभव नहीं है कि इस ऐप से कितनी कमाई की जा रही थी।
पूरे छत्तीसगढ़ में फैला जाल
सादिक और कुछ अन्य लोगों ने धीरे धीरे छत्तीसगढ़ में इस ऐप को सक्रिय किया। उन्होंने पहले पुराने सट्टेबाजों और इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों से संपर्क किया। इसके बाद मामूली रकम में आइडी देने, इंक्रिप्टेड डेटा और आसान ऐप होने की जानकारी देकर आइडी दी जाने लगी। विशेष रुप से यह एप क्रिकेट में सट्टेबाजी के लिए ही बनाया गया है। राजनांदगांव के अलावा रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बालोद, खैरागढ़ सहित कई जिलों में इसकी कई आइडी आपरेट होने की जानकारी सामने आई है।