June 07, 2026


9 वर्षों से लंबित बंदोबस्त त्रुटि सुधार का मामला, सुशासन तिहार में सौंपा गया ज्ञापन

आरंग : मंदिर हसौद तहसील के ग्राम टेकारी में बंदोबस्त के दौरान हुई व्यापक त्रुटियों के सुधार का मामला पिछले नौ वर्षों से लंबित होने का आरोप लगाते हुए ग्राम पंचायत ने सुशासन तिहार में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि समय-सीमा (टीएल) प्रकरण के रूप में दर्ज होने के बावजूद अब तक त्रुटियों का निराकरण नहीं हो सका है।

जानकारी के अनुसार ग्राम टेकारी में बंदोबस्त के दौरान कई प्रकार की गंभीर त्रुटियां सामने आई थीं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई भूमिस्वामियों की भूमि अन्य लोगों के नाम दर्ज कर दी गई, कहीं रकबा बढ़ा दिया गया तो कहीं कम कर दिया गया। इसके अलावा ग्रामीण सिंचाई नालियों सहित कई शासकीय भूमि भी अभिलेखों से गायब हो गई हैं या निजी खातों में दर्ज हो गई हैं। निस्तार पत्रक में सुरक्षित कई भूमि का भी रिकॉर्ड में उल्लेख नहीं है।

इन त्रुटियों के सुधार के लिए ग्राम के लगभग 70 प्रतिशत किसानों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन को पंचायत द्वारा 11 दिसंबर 2017 को तत्कालीन संभागायुक्त और जिलाधीश को सौंपा गया था। ज्ञापन में ग्राम में शिविर लगाकर सभी संबंधित पुराने और वर्तमान अभिलेखों के आधार पर त्रुटियों के सुधार की मांग की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन जिलाधीश ने इसे टीएल प्रकरण के रूप में दर्ज कर कार्रवाई हेतु आरंग अनुविभागीय अधिकारी को भेजा था, जिन्होंने 10 जनवरी 2018 को मंदिर हसौद के नायब तहसीलदार को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने 23 मई 2018 को तत्कालीन संभागायुक्त ब्रजेश चंद्र मिश्रा एवं तत्कालीन जिलाधीश ओ.पी. चौधरी (वर्तमान वित्त मंत्री) को पुनः ज्ञापन सौंपकर ग्राम में शिविर लगाकर त्रुटियों के निराकरण की मांग की थी। हाल ही में 18 मई को ग्राम सिवनी में आयोजित सुशासन तिहार में भी पंचायत ने इस विषय पर आवेदन देकर जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।

इसी क्रम में मंदिर हसौद में पदस्थ नायब तहसीलदार द्वारा 3 जून को जारी पत्र के माध्यम से 8 जून को ग्राम टेकारी में एक दिवसीय शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। शिविर में किसानों से पुनः आवेदन प्राप्त करने के लिए राजस्व निरीक्षक भुनेश्वर वर्मा एवं पटवारी राजेश शर्मा को अधिकृत किया गया है। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर पुनः सर्वेक्षण के लिए जिला कार्यालय को प्रस्ताव भेजने की बात भी पत्र में कही गई है। सरपंच ने उक्त पत्र प्राप्त होने की पुष्टि की है।

वहीं किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने प्रशासन के इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि नौ वर्ष पूर्व पंचायत के माध्यम से किसानों द्वारा दिए गए ज्ञापन के आधार पर दर्ज टीएल प्रकरण पर कार्रवाई करने के बजाय पुनः आवेदन मांगना प्रशासन का टालमटोल वाला रवैया दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पूर्व में प्राप्त आवेदनों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर सीधे शिविर लगाकर त्रुटियों का निराकरण किया जाना चाहिए।


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