July 25, 2026


सब्जी किट पर ब्रेक चार हजार किसानों की उम्मीदें अधर में

प्रतीक्षा: किसान सब्जी किट मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं

राजनांदगांव: सब्जी उत्पादक किसानों को सब्जी किट योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। खरीफ सीजन के बीच सब्जी की बुआई का समय निकलता जा रहा है, लेकिन उद्यानिकी विभाग को अब तक शासन से लक्ष्य नहीं मिलने के कारण योजना शुरू ही नहीं हो सकी है। इसका सीधा असर जिले के चार हजार से अधिक छोटे और बड़े किसानों पर पड़ रहा है, जो हर साल सब्जी उत्पादन कर अपनी आजीविका चलाते हैं। जिले में लगभग चार हजार से अधिक किसान टमाटर, बैंगन, भिंडी, मिर्च, लौकी, करेला, कद्दू सहित विभिन्न मौसमी सब्जियों की खेती करते हैं। इनमें बड़ी संख्या सीमांत और छोटे किसानों की है, जिनके लिए शासन से मिलने वाली सब्जी किट खेती की लागत कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इस किट में टमाटर, बैंगन, मिर्च, भिंडी, पालक, धनिया, मूली, गाजर, मेथी और फूलगोभी सहित 5 से 11 प्रकार की मौसमी सब्जियों के बीज और जैविक खाद, सूक्ष्म पोषक तत्व तथा शुरुआती अवस्था में फसलों को कीट एवं रोगों से बचाने के लिए जैविक कीटनाशक शामिल होते हैं। जिससे उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है। इस बार स्थिति अलग है। उद्यानिकी विभाग को अभी तक शासन से योजना का लक्ष्य ही प्राप्त नहीं हुआ है। लक्ष्य तय नहीं होने के कारण विभाग किसानों से आवेदन लेने या किट वितरण की प्रक्रिया शुरू नहीं कर पा रहा है।

संभवत: खाते में आएगी राशि

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि लक्ष्य के अनुसार ही किसानों को किट वितरण किया जाता है। लेकिन इस बार लक्ष्य नहीं मिल पाया है। संभवत: राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित की जाएगी। इससे भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी और किसानों को किसी प्रकार की मध्यस्थता या अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। पात्र किसानों का पंजीयन एवं सत्यापन पूरा होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से जमा की जाएगी। सब्जी उत्पादक किसानों को बैंक खाते को आधार से लिंक कराने कहा जा रहा है।


Advertisement

Tranding News

Get In Touch