राजनांदगांव: आदिम जाति कल्याण विभाग की लापरवाही और प्रशासनिक सुस्ती का खामियाजा पोस्ट मैट्रिक आदिवासी छात्रावास के विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। महेश नगर स्थित 100 सीटर पोस्ट मैट्रिक आदिवासी छात्रावास लंबे समय से जर्जर हालत में है। भवन की खराब स्थिति को देखते हुए विभाग ने किराए के भवन में छात्रावास संचालित करने के लिए चार से अधिक बार टेंडर जारी किए, लेकिन अब तक उपयुक्त भवन नहीं मिल सका। नतीजतन छात्रावास के छात्र असुरक्षित माहौल में रहने को मजबूर हैं। छात्रावास भवन की छत से प्लास्टर झड़ने, दीवारों में दरारें आने और कई हिस्सों के कमजोर होने की शिकायत लंबे समय से सामने आती रही है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। इसके बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों को इसी परिसर में रहना पड़ रहा है। विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का कहना है कि हर दिन किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
दिग्विजय कालेज के विद्यार्थियों के लिए दो करोड़ की लागत से पेंड्री में छात्रावास का निर्माण किया गया है। लेकिन छात्रावास में एक भी विद्यार्थी नहीं हैं। स्थिति यह है कि छात्रावास धीरे-धीरे जर्जर हो रहा है। वहीं असामाजिक तत्व छात्रावास भवन को नुकसान पहुंच रहे हैं। खिड़कियों में लगे कांच को भी तोड़ दिया गया है। प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। वहीं दूसरी ओर महेश नगर कौरिनभाठा स्थित पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास जर्जर हालत में है। छत का प्लास्टर गिरने लगा है। वहीं सरिया में बाहर झांक रही है। लगातार निविदा निकाले जाने के बाद छात्रावास की तलाश पूरी नहीं हो पाई है।
इस तरह कर सकते हैं उपयोग
महेश नगर छात्रावास से पेंड्री में बने छात्रावास की दूरी करीब छह किलो मीटर हैै। जब तक विभागीय अधिकारी कालेज प्रशासन से समन्वय बनाकर महेश नगर छात्रावास के विद्यार्थियों को नये छात्रावास भवन में रख सकते हैं। क्योंकि पेंड्री में बने छात्रावास में सभी प्रकार की सुविधाएं हैं। प्रशासन किराये का नये भवन तलाशने की बजाय विद्यार्थियों के लिए बस की सुविधा दें तो विद्यार्थी आसानी से पेंड्री के छात्रावास भवन में शिफ्ट हो सकते हैं।
असामाजिक तत्व पहुंचा रहे नुकसान
करोडों की लागत से बने छात्रावास को असामाजिक तत्व के लोग नुकसान पहुंचा रहे हैं। खिड़कियों में लगे कांच को तोड़ दिया गया है। वहीं भवन भी जर्जर होने लगा है। विद्यार्थियों की मांग पर छात्रावास का निर्माण किया गया था, लेकिन विद्यार्थियों ने दूरी बना ली है। स्थिति यह है कि छात्रावास में एक भी विद्यार्थी रहने को तैयार नहीं है। बता दें कि महेश नगर छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थी लंबे समय से जर्जर भवन को तोड़कर नये भवन का निर्माण कराने की मांग कर रहे हैं।