June 24, 2026


एक मिनट की देरी ने छीन लिया डाक्टर बनने का सपना सर प्लीज गेट खोल दीजिए कह फफक पड़े अभ्यर्थी

राजनांदगांव : डाक्टर बनने का सपना लिए महीनों से तैयारी कर रहे कई विद्यार्थियों के लिए रविवार का दिन मायूसी लेकर आया। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित नीट परीक्षा में निर्धारित समय से महज एक मिनट की देरी से पहुंचे कई अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिल सका। गेट के बाहर खड़े छात्र-छात्राओं की आंखों में आंसू थे और जुबां पर सिर्फ एक ही गुहार थी द्यसर प्लीज गेट खोल दीजिए, मेरा एक साल बर्बाद हो जाएगा.लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के कारण उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। शहर के छह परीक्षा केंद्रों में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के लिए कुल 1982 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 1,787 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 198 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इनमें लगभग 40 ऐसे अभ्यर्थी थे, जो निर्धारित समय के बाद केंद्र पहुंचे और परीक्षा से वंचित रह गए।

 परीक्षा केंद्र के गेट पर छलके आंसू

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार परीक्षार्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति थी। निर्धारित समय पूरा होते ही सभी केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। इसके बाद पहुंचे विद्यार्थियों और उनके परिजनों ने केंद्र प्रबंधन से गेट खोलने की गुहार लगाई, लेकिन नियमों के तहत किसी को भी प्रवेश नहीं दिया गया। दिग्विजय कालेज परीक्षा केंद्र के बाहर एक छात्रा केंद्र के बाहर रोते हुए बार-बार कहती रही, सर, मैंने पूरे साल मेहनत की है, सिर्फ एक मौका दे दीजिए। वहीं कई अभ्यर्थी और उनके परिजन निराश और भावुक नजर आए। परीक्षा से वंचित विद्यार्थियों का कहना था कि एक छोटी सी देरी ने उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया और अब उन्हें अगले वर्ष तक इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। निर्धारित समय के भीतर पहुंचे अभ्यर्थियों ने शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा दी, जबकि देर से पहुंचे छात्रों के लिए यह दिन एक कड़वी याद बनकर रह गया।

भौतिक-रसायन के प्रश्नों को हल जूझते रहे भावी डाक्टर्स

तीन लेयर में जांच के बाद प्रवेश की व्यवस्था की गई थी। सुबह 11 बजे से परीक्षा केंद्रों में प्रवेश का दौर शुरू हो गया था। कड़ी जांच के बाद परीक्षार्थियों को केंद्रों में प्रवेश दिया गया। परीक्षा केंद्रों में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने बारीकी से जांच की। मेटल डिटेक्टर से जांच व प्रवेश पत्र और पहचान पत्र दिखाने के बाद ही प्रवेश दिया गया। वहीं गला-कान, पैर में पहनने आभूषण को बाहर ही निकाल दिया गया। डेढ़ बजे के बाद परीक्षा केंद्रों के गेट को बंद कर दिए गए। गर्मी अधिक होने के कारण परीक्षार्थी परीक्षा शुरू होने के पहले पहुंच गए थे। परीक्षा में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान के 200 प्रश्न पूछे गए थे। जिसमें परीक्षार्थियों को 180 प्रश्नों को हल करना था। पूरे प्रश्न 720 अंक के थे। तीन घंटे की परीक्षा में भावी डाक्टराें को भौतिक-रसायन विज्ञान के प्रश्नों ने पूरी तरह से उलझाकर रख दिया। भौतिक-रसायन के प्रश्नों को हल करने के लिए भावी डाक्टर्स जूझते रहे। जीव विज्ञान के सरल प्रश्नों ने भावी डाक्टरों के चेहरे में मुस्कान बिखेर दी।


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