राजनांदगांव: मनगटा स्थित विसलिंग रिसार्ट में दुष्कर्म के बाद 24 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। पुलिस ने रिसार्ट संचालक आशुतोष साहू, छत्रपाल उर्फ बल्लू देशमुख और घनश्याम बेलचंदन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन घटना के दौरान रिसार्ट में मौजूद बताए जा रहे रायपुर के तीन अन्य युवकों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने से कार्रवाई पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मृतिका के स्वजन अब जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की गहन जांच और सभी उपस्थित लोगों की भूमिका की पड़ताल की मांग कर रहे हैं।
मृतिका के जीजा ने कहा कि, पुलिस ने रिसार्ट में मृतिका के अलावा सात लोगों के उपस्थित होने की जानकारी स्वयं दी। लेकिन प्रकरण सिर्फ तीन पर दर्ज किया गया। उन्होंने प्रश्न उठाया कि आखिर किस तरह अन्य तीन लड़कों की भूमिका को इस मामले से अलग माना गया जबकि सबकुछ उनके ही सामने हो रहा था। उन्होंने बताया कि अधिकारियों से बातचीत पर भी उन्हें इसका कोई जवाब नहीं मिला। स्वजन पूरे मामले की गहन जांच की मांग करते हुए तीन अन्य युवकों पर भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने कहा कि पूरे मामले में रायपुर के युवकों की भूमिका, संलिप्तता नहीं पाई गई है।
दो दिनों में लैब नहीं पहुंच सका विसरा
रिसार्ट में युवती की मौत के असल कारण क्या थे इसकी जांच विसरा की फोरेंसिक जांच के बाद ही सामने आएंगे। लेकिन शुक्रवार को पीएम के बाद दो दिनों के अवकाश में विसरा लैब तक नहीं पहुंच पाने की जानकारी है। इसे सोमवार को जमा किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि कुछ नमूने रायपुर और कुछ बाहर जाएंगे। इसकी रिपोर्ट आने में 10 से 15 दिन का समय लग सकता है।
रायपुर में पार्टी के दौरान मिले, फिर रिसार्ट पहुंचे
पुलिस के अनुसार आशुतोष अपने दो साथी और दो युवतियों के साथ रायपुर के सिमर्स क्लब पहुंचा था। यहां उन्होंने शराब पी। रायपुर में ही तीन युवक और मिले जो अलग वाहन में थे। दोनों अपनी गाडि़यों में मनगटा के विसलिंग रिसार्ट लौटे। इस दौरान आशुतोष ने दुर्ग से और शराब भी खरीदी।
अस्पताल के लिए साथ निकले, आधे रास्ते से हुए गायब
पुलिस के अनुसार, 18 जून की सुबह जब युवती रिसार्ट के बाथरुम में अचेत मिली तो वहां आशुतोष के साथ सभी लोग मौजूद थे। दो गाडि़यों में ये सभी पहले निकुम के निजी अस्पताल के लिए निकले लेकिन रायपुर के युवक आधे रास्ते से ही गायब हो गए। इसके बाद आशुतोष निकुम से युवती को मेडिकल कालेज अस्पताल लेकर आया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
युवकों को वीआइपी ट्रीटमेंट का आरोप
स्वजनों ने आरोप लगाया कि इन तीनों युवकों को पूछताछ के दौरान भी विशेष सुविधाएं दी गईं। वे पूरा दिन कार में एसी चालू कर बैठे रहे। जब उन्हें भीतर बुलाया जाता था वे तब ही अंदर जाते थे। पुलिस पहले दिन से उनसे नरम बर्ताव कर रही थी। जबकि स्वजनों को दिन-रात थाने के बाहर बैठना पड़ा।