राजनांदगांव: सोमनी क्षेत्र के ग्राम जोरातराई स्थित क्रेस्ट स्टील पावर प्लांट में काम के दौरान एक मजदूर की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजन और ग्रामीण मजदूर का शव प्लांट के सामने रखकर प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। कई घंटे चली बातचीत के बाद कंपनी प्रबंधन ने 15 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति जताई। साथ ही अंतिम संस्कार के लिए तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। ग्राम जोरातराई निवासी दिलीप दास मानिकपुरी सुबह क्रस्ट स्टील पावर प्लांट में काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। कंपनी प्रबंधन द्वारा उन्हें उपचार के लिए दुर्ग के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मजदूर की मौत की जानकारी मिलने के बाद सुबह परिजन, ग्रामीण और अन्य मजदूर आक्रोशित हो गए। बड़ी संख्या में लोग मृतक का शव लेकर प्लांट के मुख्य द्वार के सामने पहुंचे और शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की। स्थिति की सूचना मिलने पर सोमनी थाना प्रभारी एमन साहू पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों, परिजनों और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत का दौर चला। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उचित मुआवजे की मांग रखी।
15 लाख मुआवजे पर बनी सहमति
काफी देर तक चली बातचीत के बाद कंपनी प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच सहमति बनी। प्रबंधन ने मृतक के परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया। इसके अलावा अंतिम संस्कार के लिए 50 हजार रुपये तत्काल नकद देने की बात कही गई। प्रबंधन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया और स्थिति सामान्य हुई। प्रदर्शन के दौरान जिला पंचायत सदस्य अंगेश्वर देशमुख, जनपद सदस्य मोहनीश धनकर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और मजदूर मौजूद रहे। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर स्थिति संभाली और मामले में आवश्यक कार्रवाई की।