राजनांदगांव: जोरातराई स्थित क्रेस्ट कंपनी में पिछले 12 दिनों से चल रहा श्रमिक आंदोलन आखिरकार प्रशासनिक मध्यस्थता के बाद समाप्त हो गया। मंगलवार से कंपनी में उत्पादन दोबारा शुरु किया गया। सोमवार शाम एसडीएम और तहसीलदार की मौजूदगी में कंपनी प्रबंधन और संघर्षशील इंजीनियरिंग श्रमिक संघ के बीच हुई त्रिपक्षीय वार्ता में कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी। समझौते के बाद देर रात श्रमिकों ने धरना समाप्त कर खुशी जाहिर करते हुए गुलाल लगाया और पटाखे फोड़े।
बैठक में तय किया गया कि कुशल, अर्धकुशल और उच्च कुशल श्रमिकों के वर्गीकरण के संबंध में श्रम विभाग 30 मई तक जांच पूरी कर रिपोर्ट अनुविभागीय दंडाधिकारी कार्यालय को सौंपेगा। रिपोर्ट के आधार पर श्रमिकों को वर्गीकरण का लाभ दिया जाएगा।
समझौते के तहत कंपनी प्रबंधन 20 प्रतिशत बोनस भुगतान के लिए अपनी बैलेंस शीट 26 मार्च 2026 तक श्रम विभाग में प्रस्तुत करेगा, जिसके आधार पर बोनस का निर्धारण किया जाएगा। वहीं अमर सिंह ठेकेदार के अधीन कार्यरत श्रमिकों को 30 जून 2026 तक फुल एंड फाइनल भुगतान करने पर भी सहमति बनी।
वार्ता में मृतक श्रमिक योगेश साहू के परिवार को भी राहत मिली। समझौते के अनुसार योगेश साहू की पत्नी को 14 लाख रुपये मुआवजा देने के साथ कंपनी में नौकरी भी दी जाएगी। बैठक में यह भी तय हुआ कि 14 मई से 25 मई 2026 तक आंदोलन के कारण बंद रहे उत्पादन अवधि के वेतन भुगतान पर श्रम विभाग और जिला प्रशासन निर्णय लेंगे।
समझौते पर कंपनी की ओर से उप महाप्रबंधक क्रांति ऋषि, विनोद कुमार और कंपनी के सीईओ ने हस्ताक्षर किए। वहीं यूनियन की ओर से भीमराव बागड़े, पुनाराम साहू, शिशुपाल साहू, शत्रुघ्न देशमुख, मांघीलाल, पुनीत राम और भूनेश्वर साहू शामिल रहे। प्रशासन की ओर से एसडीएम और तहसीलदार मौजूद रहे। समझौते के बाद रात करीब 11 बजे धरना समाप्त कर दिया गया।