राजनांदगांव: सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और प्रतिभाशाली बच्चों को मंच देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब आर्थिक तंगी किसी बच्चे की कला प्रतिभा के रास्ते में बाधा नहीं बनेगी। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन कार्यरत सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग (सीसीआरटी) ने सांस्कृतिक प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति योजना 2026-27 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना के तहत संगीत, नृत्य, नाटक, चित्रकला और पारंपरिक शिल्प कला जैसे क्षेत्रों में प्रतिभा रखने वाले बच्चों को आर्थिक सहायता के साथ विशेषज्ञों से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ के समग्र शिक्षा कार्यालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे बच्चों की पहचान करें और समय पर आवेदन प्रक्रिया पूरी करवाएं। योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई निर्धारित की गई है।
अनुभवी कलाकार देंगे प्रशिक्षण
चयनित बच्चों को देश के अनुभवी कलाकारों और विशेषज्ञों से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा ताकि उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर तक पहचान मिल सके। इस छात्रवृत्ति योजना के लिए वही बच्चे पात्र होंगे जिनकी उम्र 10 से 14 वर्ष के बीच हो। साथ ही बच्चे को किसी कला क्षेत्र में शुरुआती प्रशिक्षण या अनुभव होना जरूरी है। योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि बच्चों की रचनात्मक क्षमता को सही दिशा देना और देश की पारंपरिक संस्कृति को मजबूत करना भी है। सरकार की यह योजना उन बच्चों के लिए किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं है, जिनके भीतर कला का अनोखा हुनर छिपा है लेकिन संसाधनों की कमी के कारण उन्हें आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल पाता।
इन कला क्षेत्रों को किया गया है शामिल
योजना अंतर्गत शास्त्रीय संगीत, लोक संगीत, शास्त्रीय एवं लोक नृत्य, नाटक एवं रंगमंच, चित्रकला, पारंपरिक हस्तशिल्प एवं क्राफ्ट को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है। समग्र शिक्षा कार्यालय ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर आवेदन भरवाने में मदद करें। आवेदन करने के दौरान कला गुरु या प्रशिक्षक का प्रमाण पत्र, स्कूल द्वारा सत्यापन व अन्य आवश्यक दस्तावेज देने होंगे। बता दें कि योजना के तहत चयनित बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी ताकि वे बिना किसी वित्तीय परेशानी के अपनी कला शिक्षा जारी रख सकें।