किरंदुल : ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) के 106वें स्थापना दिवस एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर संयुक्त खदान मजदूर संघ ने इस वर्ष स्थापना दिवस को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए अनूठे अंदाज में मनाया। संघ के नवनिर्वाचित सचिव प्रदीप नामदेव एवं अध्यक्ष नोमेश्वर राव के कुशल नेतृत्व में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से श्रमिक एकता, पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा सेवा का प्रभावी संदेश दिया गया।
कार्यक्रमों की शुरुआत सुबह 8 बजे बैलाडीला के हृदयस्थल में स्थित 10 मंजिला इमारत (हाईराइज कॉलोनी) परिसर में वृक्षारोपण से हुई। इस अभियान का शुभारंभ एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के अधिशासी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख रविंद्र नारायण ने पौधारोपण कर किया। इस अवसर पर परियोजना के उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) सुधांशु वर्मा सहित अन्य अधिकारी, अतिथि एवं श्रमिक संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इसके पश्चात दोपहर में किरंदुल के समीपस्थ ग्राम हितावार में सामाजिक सरोकार के तहत स्कूली बच्चों को संघ की ओर से आवश्यक शैक्षणिक एवं उपयोगी सामग्री वितरित की गई। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को प्रोत्साहित करना और उनकी शिक्षा में सहयोग प्रदान करना रहा।
वहीं, स्थापना दिवस का मुख्य कार्यक्रम शाम 6 बजे संघ कार्यालय इंद्रजीत सिंह भवन में आयोजित विशाल आमसभा के रूप में संपन्न हुआ। सभा में एटक के गौरवशाली इतिहास, श्रमिक अधिकारों, संगठन की एकजुटता और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान वरिष्ठ श्रमिक नेता कॉमरेड गुरुदास गुप्ता की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके श्रमिक हितों के प्रति समर्पण और योगदान को याद किया गया।
कॉमरेड गुरुदास गुप्ता को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर एसकेएमएस के सचिव प्रदीप नामदेव ने कहा कि संयुक्त खदान मजदूर संघ की भूमिका केवल श्रमिक हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा सेवा और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी महत्वपूर्ण है। एटक के स्थापना दिवस पर आयोजित ये कार्यक्रम इसी सोच और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
संघ के अध्यक्ष नोमेश्वर राव ने भी कहा कि संगठन का उद्देश्य सदैव श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ सामाजिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभाना है। इस तरह संयुक्त खदान मजदूर संघ ने एटक का 106वां स्थापना दिवस श्रमिक एकता, जनहित, पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा सेवा के कार्यों से समर्पित करते हुए यादगार बनाया।