राजनांदगांव: डोंगरगांव क्षेत्र के ग्राम बननवागांव निवासी 65 वर्षीय पन्नालाल रामटेके ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2008 से उन्हें और उनके परिवार को सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा लगातार सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिससे परिवार को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
डोंगरगांव में आयोजित प्रेस वार्ता में रामटेके ने बताया कि उनके परिवार को समाज से अलग-थलग करने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पुत्रियों के विवाह सहित कई सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में भी बाधाएं उत्पन्न की गईं। समाज के लोगों पर उनके परिवार से दूरी बनाए रखने का दबाव बनाने की बात भी उन्होंने कही। रामटेके ने कहा कि इस संबंध में पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर कलेक्टर सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन सौंपा गया है। रामटेके ने चेतावनी दी कि यदि सात जून तक उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो वे अमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।