राजनांदगांव: निजी स्कूलों की तर्ज पर आंगनबाड़ी केंद्रों को विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना जिले में अधूरी नजर आ रही है। केंद्रों में आने वाले बच्चों को ड्रेस वितरण की योजना पिछले एक वर्ष से प्रयासों के बावजूद अब तक जमीन पर नहीं उतर सकी है। जिले के करीब 400 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल की गई थी। इसके तहत बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं, एलईडी टीवी और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए, ताकि उन्हें मनोरंजन के साथ व्यवहारिक ज्ञान भी मिल सके। कई केंद्रों में यह बदलाव दिख भी रहा है, लेकिन यूनिफार्म जैसी मूलभूत सुविधा अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी है। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों में वजन त्योहार जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और पूरक पोषण आहार का वितरण भी नियमित रूप से किया जाता है। बावजूद इसके, बुनियादी जरूरतों में शामिल ड्रेस वितरण अब तक अधूरा है।
उद्देश्य से भटका विभाग
ड्रेस वितरण के पीछे विभागीय अधिकारियों की मंशा अलग थी। अधिकारियों का मानना था कि ड्रेस कोड से समानता आएगी। इससे बच्चे एक समान दिखेंगे। समान वेशभूषा का उद्देश्य बच्चों में एकरूपता लाने के साथ ही उनमें विद्यार्थियों की तरह मानसिक रूप से स्कूली शिक्षा का अहसास कराना भी था। लेकिन विभाग अपने उद्देश्यों से ही भटक गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों का नाम लेकर भी भेजे थे, लेकिन ड्रेस की सप्लाई नहीं हो पाई।
नये आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण बनी चुनौती
राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में दो सत्रों में 171 आंगनबाड़ी भवनों के लिए स्वीकृति प्राप्त हुई थी। इनमें से 32 भवनों का कार्य शुरु ही नहीं हो सका है, ये सभी मोहला मानपुर जिले के हैं। दोनों जिलों में 114 भवन अब तक अपूर्ण हैं। इस मामले में सबसे बुरी स्थिति मोहला-मानपुर जिले की है। 2023-24 सत्र के 64 में से 59 भवन अपूर्ण हैं। जबकि 2024-25 के सत्र के स्वीकृत 32 भवनों में से एक का भी काम शुरु नहीं हो सका है। गौरतलब है कि, राजनांदगांव और मोहला-मानपुर जिले में कुल 2398 आंगनबाड़ी संचालित हैं जिनमें से 374 भवन विहीन हैं। भवनों का निर्माण चुनौती बना हुआ है तो वहीं इससे बच्चों की आफत हो रही है।
राजनांदगांव
सात परियोजनाओं क्षेत्र में बच्चों की संख्या
6 माह- 3 वर्ष क्व 29518
3 वर्ष - 6 वर्ष - 31079
0 मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी
वनांचल में आंगनबाड़ी में बच्चों की संख्या
6 माह- 3 वर्ष - 10,513
3 वर्ष - 6 वर्ष - 12,178
गुणवत्ताहीन साड़ियों को वापस भेजेंगे
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को करीब तीन हजार साड़ियों का वितरण किया गया था। लेकिन साड़ी गुणवत्ताहीन और साइज छोटी होने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं ने पहनने से इंकार कर दिया था। यहीं नहीं आंगनबाड़ी संघ ने इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से भी की थी। शिकायत के बाद अब साड़ियों को बदला जाएगा। जिन-जिन परियोजना केंद्रों में गुणवत्ताहीन साड़ियां वितरण के लिए पहुंची है उसे वापस मंगाया जा रहा है।