April 27, 2026


एलएलबी फर्स्ट सेमेस्टर का परिणाम अटका सेकेंड सेमेस्टर परीक्षा सिर पर

राजनांदगांव: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के छात्र इन दिनों असमंजस और दबाव की स्थिति से गुजर रहे हैं। एक ओर जहां प्रथम सेमेस्टर के परिणाम अब तक जारी नहीं किए गए हैं, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय ने दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाओं की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। हालांकि जानकारी दी जा रही है कि पहले सेमेस्टर के नतीजे अगले सप्ताह ही जारी हो सकते हैं।

दिसंबर-जनवरी सत्र में आयोजित प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाओं को कई महीने बीत चुके हैं। नियमानुसार 45 दिनों के भीतर परिणाम घोषित होना चाहिए, लेकिन अप्रैल के अंत तक भी नतीजे लंबित हैं। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय ने सात अप्रैल को तीसरे और पांचवें सेमेस्टर के परिणाम जारी कर दिए, जबकि प्रथम सेमेस्टर के छात्र अब भी इंतजार कर रहे हैं।

छात्रों का कहना है कि बिना परिणाम जाने वे दूसरे सेमेस्टर की तैयारी पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे हैं। यदि किसी विषय में एटीकेटी आती है तो उन्हें एक साथ दो सेमेस्टर की तैयारी करनी पड़ेगी, जिससे समय प्रबंधन और दबाव दोनों बढ़ेंगे।

इधर विश्वविद्यालय ने मई-जून सत्र की परीक्षाओं के लिए फार्म भरने की प्रक्रिया और परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी है। इससे स्पष्ट है कि परीक्षाएं निकट हैं। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन की कार्यप्रणाली में समन्वय की कमी है, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।

 परिणाम नहीं, कैसे बने रणनीति

प्रथम सेमेस्टर का परिणाम लंबित होने से छात्रों की अध्ययन रणनीति प्रभावित हो रही है। सामान्य स्थिति में छात्र अपने प्रदर्शन का आकलन कर दूसरे सेमेस्टर की तैयारी की दिशा तय करते हैं, लेकिन इस बार यह संभव नहीं हो पा रहा। जिन छात्रों को किसी विषय में कमजोर होने का अंदेशा है, वे यह तय नहीं कर पा रहे कि सुधार के लिए अतिरिक्त समय किस विषय को दें।

विरोध के बाद भी नहीं बनी स्पष्टता

मामले को लेकर छात्र संगठनों ने परिसर में विरोध भी दर्ज कराया है। उनकी मांग है कि परिणाम घोषित करने में पारदर्शिता रखी जाए और जल्द से जल्द रिजल्ट जारी किया जाए। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और कुछ तकनीकी कारणों से देरी हुई है, लेकिन परिणाम जल्द जारी किए जाएंगे। हालांकि, तय समय-सीमा नहीं बताने से छात्रों में असंतोष बना हुआ है।


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