राजनांदगांव : अविभाजित राजनांदगांव में तेंदूपत्ता खरीदी और संग्रहण की तैयारियां शुरु हो गई है। 75 जंगलों की आनलाइन नीलामी में सबसे अधिक दर कुंडकल को मिली है। यहां के तेंदूपत्ता के प्रति मानक बोरा की कीमत 12,591 रुपये में नीलामी हुई। बताया जाता है कि मानपुर ब्लाक के इस गांव के जंगल में श्रेष्ठ गुणवत्ता के तेंदूपत्ता का संग्रहण होता है। नीलामी के दौरान इस जंगल को हासिल करने ठेकेदारों में प्रतिस्पर्धा होती है। दूसरी ओर साल्हेटोला के जंगल के तेंदूपत्ता की कीमत सबसे कम है। यह 4748 रुपये मानक बोरे की कीमत पर नीलाम किया गया है।
जिला लघु वनोपज सहकारी समिति दो हिस्सों में बंटी हुई है। इसमें राजनांदगांव और खैरागढ़ शामिल हैं। राजनांदगांव व मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में संग्रहण का कार्य एक साथ किया जाता है। इसी तरह खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला और डोंगरगढ़ में संग्रहण की जवाबदारी खैरागढ़ की होती है। अविभाजित राजनांदगांव जिला में शामिल रहे इन दोनों जिलों में कुल 1,17,800 मानक बोरा का संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित है। नीलामी में आंध्र पदेश, पश्चिम बंगाल के अलावा स्थानीय तेंदूपत्ता ठेकेदारों को मौका मिला है।
700 फड़ में होगी खरीदी
अवभिाजित राजनांदगांव में कुल 71 यूनिटों यानी कि तेंदूपत्ता के जंगलों की आनलाइन नीलामी हुई है। इनमें राजनांदगांव में 51 और खैरागढ़ क्षेत्र में 24 यूनिट हैं। जबकि कुल समितियां 71 हैं। संग्रहण के लिए लगभग 700 फड़ बनाएं जाएंगे। प्रत्येक संग्राहक को प्रति बोरा 5500 रुपये की राशि का भुगतान किया जाता है।
मानक बोरा में एक हजार बंडल
मई के पहले सप्ताह से तेंदूपत्ता तोड़ाई और संग्रहण शुरु हो जाएगा। गौरतलब है कि तेंदूपत्ता की एक गड्डी या बंडल में 50 पत्ते होते हैं। ऐसे एक हजार बंडल या गड्डी को एक मानक बोरा माना जाता है। इसके ही आधार पर संग्राहकों को भुगतान किया जाता है। फड़ में इनकी गुणवत्ता भी परखी जाती है।