रायपुर: छत्तीसगढ़ किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे ने कहा इतिहास गवाह है, जो समाज अपने अधिकार के लिए सजग नहीं रहता, संघर्षशील नहीं होता, और अपनी संपत्ति को बचाने के लिए संघर्ष नहीं करता, वह समाज शोषित-पीड़ित रह जाता है। उसका सबसे बड़ा उदाहरण भारत देश का छत्तीसगढ़ है। छत्तीसगढ़ का मूल वासिन्दा दिन-ब-दिन गरीब होते जा रहा है। छत्तीसगढ़ की शासकीय संपत्ति, खनिज सम्पदा, वन भूमि, काबिल कास्त भूमि, निस्तारी की भूमि, मंदिर-मठ-मस्जिद की भूमि को भू-माफिया अन्य प्रदेश से आकर जीवन-यापन के मजदूरी के लिए काम ढूंढने वाले कूटरचित दस्तावेज के माध् यम से बेचकर कब्जा करके मालामल हो गये। इसी क्रम में महासमुंद जिला प्रदेश के आदिवासी भूमियों का बड़ी संख्या में कूटरचित दस्तावेज के माध्यम से रजिस्ट्री कराकर बेच दिया, उसमें बिहारी निर्णय चौधरी, द्वारा अवैध करणी कृपा पावर प्रा.लि. सहित गैरऔद्योगिक क्षेत्र में अन्य अवैध कारखाना शासकीय भूमि, आदिवासी भूमि, वन भूमि, सिंचाई विभाग की भूमि, नेशनल हाईवे की भूमि, पर कारखाना स्थापित कर मालामल हो रहे है। वहां कार्यरत् कर्मचारी छत्तीसगढ़ के 10 प्रतिशत ही हैं। ऐसी शोषण की स्थिति छत्तीसगढ़ में जो निर्मित हो रही है, उसका सबसे बड़ा कारण प्रदेश का नेतृत्व है। शासकीय व्यवस्था केन्सरग्रस्त हो गया है। जिस अधिकारी को मालामल होना है वह छत्तीसगढ़ में कलेक्टर, एस.पी., सचिव, इंजीनियर, आबकारी इंस्पेक्टर, थानादार, पटवारी सहित पदस्थापना कराकर भ्रष्ट आचरण के तहत् मालामाल हो रहे हैं। हमारे द्वारा लगभग 55 लाख एकड़ भूमि का कूटरचित दस्तावेज से नगर निवेश दुर्ग, रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, में न केवल नक्शा पास किया है, नजूल शासकीय भूमि बाहरी शोषकों को मालिक बनाया है यही स्थिति प्रत्येक जिलाधीश कार्यालय में रजिस्ट्री आफिस है। रजिस्ट्री आफिस में रजिस्ट्री करके उन्हें मालिकाना हक दिया है। प्रदेश में सरकार के मंत्री चंपत राय हैं। जिस प्रकार अयोध्या के राम मंदिर में लूट हुई उसी प्रकार छत्तीसगढ़ के जल-जंगल-जमीन की लूट हो रही है।
नेतृत्व मालामल होने के साथ मुस्कुरा रहा है। नकटी गाँव में आखिर क्यों रात के बुल्डोजर चला? इसका जवाब किसी के पास नहीं हैं। शहर के सांसद, चिल्लाते रह गये। अधिकारी सांसद सहित जनता को धोखा दे दिये। जब राजध गानी के सांसद की औकात शून्य हो जाये तो यह मान लेना चाहिए कि शहर में चिल्लाने वाला कोई नहीं बचा। जिस प्रकार चोर आया हो और कुत्ता चुप हो तो यह जान लेना कि चोर को कुत्ता पहचानता है। अधिकारी, सांसद सब मिले हुए हैं। छत्तीसगढ़ को बर्बाद करने में लगे हुए हैं। महासमुंद के कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह को अविलंब जेल भेजा जाना चाहिए। महासमुंद सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिले जहां आदिवासी भूमि, रजिस्ट्री हुई है, रजिस्ट्रार जिलाधीश, तहसीलदार, पटवारी, कानून के शिकंजे में होना चाहिए। महामहिम राष्ट्रपति, महामहिम राज्यपाल जी को लोकभवन में 525 पेज एवं राष्ट्रपति भारत सरकार को 526 पेज का शपथमय शिकायत दर्ज किया गया है।