राजनांदगांव: गतिशक्ति योजना के तहत ग्राम बरगा में निर्मित 26 करोड़ के रेलवे ओवरब्रिज में दो टुकड़ों में बंट चुकी एप्रोच सड़क की दरारें रुक नहीं रही हैं। तीसरे दिन मंगलवार को भी इन्हें कांक्रीट से भरने का काम जारी रहा। इधर, एप्रोच सड़क में आई खराबी की जांच करने आज मुंबई से डिजाईनरों की टीम पहुंची।
इस निरीक्षण के दौरान निर्माण एजेंसी घई कंस्ट्रक्शन के डायरेक्टर राजिंदर सिंह घई, प्रोजेक्ट मैनेजर, तकनीकी अधिकारियों की मौजूदगी में ओवरब्रिज निर्माण की गुणवत्ता परखी गई। बताया जा रहा है कि डिजाईनरों ने बरगा के साथ ही आलीवारा और मुसरा के ब्रिज का भी निरीक्षण किया है। यह दोनों ब्रिज विजय इंफ्रा ने बनाए है जिसमें एप्रोच रोड धंस गई है। यह टीम अपनी रिपोर्ट दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल को सौंपेगी।
सोमवार को डीआरएम दीपक गुप्ता ने भी ब्रिज का निरीक्षण किया था। इस निर्माण में भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन कार्य के आरोप लगे हैं। कलेक्टर ने इसकी उच्चस्तरीय जांच के लिए पत्र लिखा है। सांसद संतोष पांडे ने भी डीआरएम से बात कर मामले में कार्रवाई चाही है। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर घटनाक्रम का ब्यौरा देते हुए जिम्मेदारों पर एक्शन की मांग की है। हालांकि रेलवे ने अब तक इस प्रकरण में किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
उधार की जमीन पर खड़ा हो गया ब्रिज
इधर, बरगा का ब्रिज जिन किसानों की जमीन पर खड़ा है उन्हें अब तक इसका मुआवजा नहीं मिल पाया है। डीआरएम के यहां पहुंचने पर किसानों ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि अधिग्रहण की कार्रवाई पूर्ण होने और मुआवजा मिलने से पहले ही रेलवे ने जमीन पर निर्माण खड़ा कर दिया। वहीं किसान ब्रिज के नीचे दोनों ओर खेतों में आवाजाही के लिए भी पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं। जबकि रेलवे ने यहां सिर्फ मिट्टी डालकर सड़क बनाकर छोड़ दिया है।