डोंगरगढ़ :- प्रस्तावित परिक्रमा पथ एवं पर्यटन विकास परियोजना को लेकर धर्मनगरी डोंगरगढ़ में उत्साह का माहौल है। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इस महत्वाकांक्षी परियोजना को क्षेत्र के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास की दिशा में एक बड़ा कदम मान रहे हैं। विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने परियोजना के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
सामाजिक कार्यकर्ता विजेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि परिक्रमा पथ के निर्माण से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे न केवल धार्मिक स्थलों तक पहुंच सुगम होगी, बल्कि स्थानीय व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से डोंगरगढ़ को एक समग्र धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग की जा रही थी, जो अब साकार होती दिखाई दे रही है।
परियोजना को लेकर प्रज्ञागिरि ट्रस्ट समिति, श्री जटाशंकर मंदिर ट्रस्ट समिति, श्री रावटी पहाड़ सतनाम सेवा समिति तथा श्री खाटूश्याम मंदिर निर्माण समिति सहित विभिन्न धार्मिक संगठनों और समाज के प्रतिनिधियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि डोंगरगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने वाली पहल है।
संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि परिक्रमा पथ बनने से क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों का बेहतर जुड़ाव होगा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर भी सृजित होंगे।
नागरिकों ने एक स्वर में कहा कि यह परियोजना डोंगरगढ़ के भविष्य को नई दिशा देने वाली है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में इसके शीघ्र क्रियान्वयन को लेकर लोगों में उत्सुकता देखी जा रही है। लोगों का मानना है कि परियोजना पूर्ण होने के बाद डोंगरगढ़ देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्रों में और अधिक प्रभावी पहचान बना सकेगा।