राजनांदगांव: किसानों की उपज को बाजार और युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में राजनांदगांव जिले के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। 27 अक्टूबर को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में सोमनी में 400 करोड़ रुपये के निवेश से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। परियोजना से 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष और 5,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है।
किसानों से सीधे उपज खरीदने की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। इसके साथ खपरीकला में 10 एकड़ भूमि पर केंद्रीय भंडार गृह और 8,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली रेल परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन को भी मंजूरी मिली है। इन फैसलों से कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन और स्थानीय कारोबार के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के माध्यम से प्रस्तावित फल प्रसंस्करण संयंत्र के लिए कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग की राजगामी संपदा की 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। करीब 400 करोड़ रुपये के निवेश वाली इस परियोजना में किसानों से सीधे उपज खरीदने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
इससे फल उत्पादकों को अपनी उपज बेचने के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकेगा। संयंत्र के संचालन से 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है। वहीं, उपज की खरीदी, छंटाई, पैकिंग, ढुलाई, भंडारण और वितरण जैसी गतिविधियों से 5,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इसका लाभ स्थानीय युवाओं, वाहन संचालकों, श्रमिकों और छोटे कारोबारियों को मिल सकता है। हालांकि, किसानों को मिलने वाला वास्तविक लाभ खरीद की शर्तों और बाजार की मांग पर निर्भर करेगा।
खपरीकला में 10 एकड़ पर बनेगा भंडार गृह
कृषि उपज और अन्य वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण की क्षमता बढ़ाने के लिए खपरीकला में केंद्रीय भंडारण निगम को 10 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिल सकती है। स्थानीय व्यापारियों और कृषि उत्पादों से जुड़े कारोबारियों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
295 किमी रेल परियोजना पर 8,000 करोड़ का निवेश
मंत्रिपरिषद ने कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ रेल कारपोरेशन लिमिटेड (सीआरसीएल) के माध्यम से शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। करीब 295 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत 8,000 करोड़ रुपये है। परियोजना में करीब 25 प्रतिशत यानी 2,000 करोड़ रुपये की अंशपूंजी प्रस्तावित है। इस रेल परियोजना से रेल सुविधा से वंचित क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। उद्योग, पर्यटन, रोजगार और कृषि उपज के लिए नए बाजारों तक पहुंच का विस्तार हो सकता है। निर्माण के दौरान भी श्रमिकों और तकनीकी कर्मचारियों के लिए काम के अवसर बनने की संभावना है।