राजनांदगांव :- शहर कांग्रेस के पूर्व महामंत्री एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक जारी पत्र के माध्यम् से निगम के महापौर मधुसूदन यादव एवं जिले के कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव से यह मांग की है कि नगर पालिक निगम राजनांदगांव में खुलेआम कानून की धज्ज्यिां उड़ाई जा रही है ? और नियम कानून को ताक पर रखकर जिस तरह से कानून से खिलवाड़ हो रहा है जिससे निगम प्रशासन एवं जनहित में कही से उचित नही है क्योंकि मेरे द्वारा दिनांक २९/०७/२०२६ को निगम सीमा के निर्वाचित महापौर मधुसूदन यादव को श्री अतुल चोपड़ा की संविलियन की जांच से संबंधित शिकायत पत्र दिया गया था की जब तक उसकी पूरी निष्पक्ष जांच का खुलासा नही हो जाता उसे कार्यपालन अभियंता के पद पर पदोन्नति से संबंधित कार्यवाही नही की जानी चाहिये और जिले के कलेक्टर एवं नगरीय प्रशासन सचिव को भी दिनांक २७/०७/२०२६ को भी उक्त शिकायत पत्र दिया गया था लेकिन क्या छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में कानून को चंद भ्रष्ट अधिकारी और कुछ निर्वाचित नेता अपने आप को कानून से ऊपर समझ रहें है ? और यदि कानून को सर्वाेच्च मान रहे है तो उन्हे तत्काल उक्त निगम के सहायक अभियंता की पद पर जो संविलियन श्री अतुल चोपड़ा का किया गया है उसकी पूरी निष्पक्ष जांच का खुलासा करते हुए सभी दोषी अधिकारियों आदि के खिलाफ कार्यवाही करते हुए कार्यपालन अभियंता की पदोन्नति पर रोक लगाने का आदेश जारी करवायें और यदि इसकी जांच किये बिना कार्यपालन अभियंता के पद पर महापौर एवं उनकी एमआईसी सदस्यों के द्वारा संकल्प पारित कर निगम आयुक्त के माध्यम् से शासन को भेजा गया तो उससे यह स्पष्ट हो जायेगा की निगम में भ्रष्ट निर्वाचित कुछ नेता और अधिकारियों के द्वारा मोटा माल लेकर नियम कानून को ताक पर रखकर भाजपा के महापौर सत्ता के अहंकार में जो निगम के शासकीय खजाने को क्षति पहुंचाई जा रही है उसकी फिर भरपाई होना बहुत मुस्किल है। इसलिये निगम के जवाबदार महापौर इस मामले का खुलासा निगम हित और जनहित में ७ दिवस के अंदर करें या आपके द्वारा इसका खुलासा नही किया गया तो इससे यह स्पष्ट हो जायेगा कि भ्रष्टाचार के चलते २१० करोड़ रूपयों के अमृत मिशन योजना के नोडल भ्रष्ट अधिकारी श्री अतुल चोपड़ा को वापस राजनांदगांव निगम में लाने के पीछे भ्रष्ट कुछ बड़े बिल्डरों आदि को लाभ पहुंचाने अमृत मिशन ०.२ की योजना लगभग १४७ करोड़ रूपयों की स्वीकृति जो निगम को डॉ. रमन सिंह जी ने दिलवाई है उसको ठिकाने कैसे लगाना है उसका मास्टर माइंड अधिकारी श्री अतुल चोपड़ा ही उस पूरी कार्य योजना के नक्शे को जानता है और महापौर मधुसूदन के इशारे पर ही श्री अतुल चोपड़ा आदि के द्वारा मोहारा से खरखरा जलाशय तक लगभग ५८ करोड़ रूपयों की पाईप लाईन शासन के नियम विरूद्ध महापौर मधुसूदन यादव के पिछले महापौर कार्यकाल में पाईप लाईन बिछाई गई जिसका लाभ शहर की जनता को आज तक नही मिल सका और फिर अमृत मिशन ०.२ के १४७ करोड़ की यह योजना भी टुकड़े-टुकड़े में पाईप लाईन आदि बिछाकर ५० साल की योजना को भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ाने का संकल्प ले लिया गया है ? और यदि संकल्प नही लिया गया है तो सत्ता के महापौर श्री मधुसूदन यादव जी को अपनी ईमानदारी का प्रमाण देने हेतु ५८ करोड़ के मोहारा से खरखरा पाईप लाईन जो नियम विरूद्ध बिछाई गई है उसके दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने का साहस दिखाए और अमृत मिशन योजना के २१० करोड़ रूपयों के भ्रष्टाचार को करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ ईडी से जांच करवाने हेतु पत्राचार करें। और सभी दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाये।