June 19, 2026


दूसरी शादी के मामले में दो शासकीय कर्मचारियों की सेवा समाप्ति की अनुशंसा

राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डा. किरणमयी नायक और प्रभारी सदस्य सरला कोसरिया ने दुर्ग में महिला उत्पीड़न से जुड़े प्रकरणों की जनसुनवाई की। सुनवाई में राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के प्रकरणों पर सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान एक मामले में आयोग ने बड़ा निर्णय लेते हुए दूसरी शादी के आरोप में मानपुर में पदस्थ दो शासकीय कर्मचारियों के खिलाफ सेवा समाप्ति की अनुशंसा की है। आयोग ने संबंधित दस्तावेजों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर यह अनुशंसा जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को भेजने का निर्णय लिया।

प्रकरण में आवेदिका ने अपने पति और दूसरी महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। प्रकरण मानपुर का है। जहां युवक पंचायत सचिव और महिला ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर पदस्थ है। सुनवाई के दौरान दोनों अनावेदकों ने आयोग के समक्ष अपने वैवाहिक संबंध और दो बच्चों के होने की बात स्वीकार की। आयोग ने जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर को दोनों कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई कर सेवा समाप्ति पर विचार करने की अनुशंसा भेजने का निर्णय लिया।

समझौते के बाद लौटाई रकम

सुकुल दैहान चौकी क्षेत्र के एक अन्य मामले में आयोग की पहल पर दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। अनावेदक ने आवेदिका को एक लाख रुपये और शादी का सामान वापस कर दिया। शेष एक लाख 45 हजार रुपये किश्तों में देने पर सहमति बनी। दोनों पक्ष आपसी सहमति से तलाक की प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर राजी हुए। इसके बाद आयोग ने प्रकरण का निराकरण कर उसे नस्तीबद्ध कर दिया।

 पुत्र की पहचान के लिए डीएनए जांच कराने के निर्देश

खैरागढ़ क्षेत्र से जुड़े एक पुराने विवाद में आवेदिका ने अपने पुत्र के जैविक पिता की पहचान को लेकर आयोग से गुहार लगाई। सुनवाई के दौरान संबंधित व्यक्ति डीएनए जांच के लिए तैयार हो गया। आयोग ने कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दोनों पक्षों की डीएनए जांच कर दो माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला मुख्यालय की एक महिला ने आरोप लगाया कि कार्यस्थल पर उत्पीड़न की शिकायत विशाखा समिति और जिला शिक्षा अधिकारी को देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। आयोग ने आवेदिका को संशोधित आवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी पक्षों को 10 जुलाई को रायपुर में होने वाली सुनवाई में उपस्थित कराने के निर्देश संबंधित थाना प्रभारी को दिए गए हैं।


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