राजनांदगांव, 17 सितंबर :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रमों को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं नगर निगम के पूर्व चेयरमैन अशोक फड़नवीस ने सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब केवल उत्सव और प्रचार नहीं, बल्कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और आर्थिक राहत के ठोस परिणाम चाहती है। श्री फड़नवीस ने कहा कि जनता के सामने अब मूलभूत समस्याओं और जनहित के मुद्दों को लेकर कई सवाल हैं जिनका जवाब सरकार को देना चाहिए।
श्री फड़नवीस ने कहा कि एक समय प्रधानमंत्री की अपील पर देशभर में लोगों ने ताली-थाली बजाई और दीपक जलाए थे। आज प्रधानमंत्री के जन्मदिन और राजनीतिक उपलब्धियों से जुड़े कार्यक्रमों को भी उत्सव का रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जन्मदिन मनाना गलत नहीं है, लेकिन यदि शासकीय संस्थानों या सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले आयोजनों में सरकारी धन खर्च हो रहा है तो उसके खर्च और स्रोत की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। उनके अनुसार यही राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबों और सार्वजनिक सुविधाओं पर खर्च की जा सकती है। श्री फड़नवीस ने सरकारी स्कूलों की संख्या में कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वर्ष 2014-15 से 2024-25 के बीच देश में सरकारी स्कूलों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की संख्या में बदलाव के पीछे कम नामांकन, जनसांख्यिकीय परिवर्तन और स्कूलों के युक्तियुक्तकरण जैसे कारण बताए जाते हैं लेकिन सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आगे क्या कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं किसी भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षकों की उपलब्धता और अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाने की जरूरत है। श्री फड़नवीस ने कहा कि आम परिवार लगातार अपने घरेलू बजट को संतुलित करने की चुनौती से जूझ रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि महंगाई के दबाव से आम जनता को राहत देने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं के रोजगार और नियमित सरकारी भर्तियों को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। श्री फड़नवीस ने छोटे व्यापारियों और लघु उद्योगों के सामने आने वाली कर एवं अनुपालन संबंधी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए प्रभावी नीति की आवश्यकता है। उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की। श्री फड़नवीस ने कहा कि जनता के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। इनमें महंगाई और घरेलू बजट पर बढ़ते दबाव का समाधान, युवाओं के लिए रोजगार एवं नियमित भर्ती, छोटे व्यापारियों और लघु उद्योगों को राहत, सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, रसोई गैस एवं रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में राहत तथा सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं के विनिवेश को लेकर सरकार की नीति जैसे विषय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना भी बेहद जरूरी है। पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर प्रभावी कार्रवाई के साथ ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों का भरोसा बना रहे। श्री फड़नवीस ने डिजिटल भुगतान को लेकर कहा कि UPI से भुगतान करने पर सीधे कोई सामान्य "UPI टैक्स" लगाए जाने की बात को स्पष्ट तथ्यों के साथ समझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान और उससे जुड़े शुल्कों को लेकर सरकार को जनता के बीच स्पष्ट जानकारी रखनी चाहिए। अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ के मुद्दे पर भी उन्होंने कहा कि अलग-अलग वस्तुओं और अमेरिकी व्यापारिक आदेशों के संदर्भ को ध्यान में रखना जरूरी है। किसी एक दर को सभी भारतीय वस्तुओं पर समान रूप से लागू मानना उचित नहीं होगा। उन्होंने इस विषय पर भी सरकार से जनता के सामने स्पष्ट स्थिति रखने की मांग की। श्री फड़नवीस ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उल्लेख करते हुए कहा कि एथेनॉल मिश्रण सरकार की आधिकारिक नीति का हिस्सा है और इसके पीछे घरेलू एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने का उद्देश्य बताया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी नीतियों के आर्थिक प्रभाव और आम उपभोक्ता पर पड़ने वाले असर की भी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। श्री फड़नवीस ने कहा कि जन्मदिन मनाना गलत नहीं है लेकिन जनता के पैसे से उत्सव मनाने के बजाय जनता के जीवन में खुशहाली लाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जनता से ताली-थाली और दिया जलवाने के दिन अब लद गए। जनता अब सवाल पूछ रही है रोजगार कहां है महंगाई से राहत कब मिलेगी और शिक्षा-स्वास्थ्य को प्राथमिकता कब मिलेगी। अंत में उन्होंने कहा फिर भी मेरा भारत महान।