June 07, 2026


खाद की कमी नहीं किसानों तक पहुंच सबसे बड़ी चुनौती

राजनांदगांव: खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच जिले में खाद, बीज और कृषि ऋण व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने जहां समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होने का दावा किया है, वहीं किसान संगठन वितरण व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में खेती-किसानी के इस अहम मौसम में फोकस अब केवल भंडारण पर नहीं, बल्कि किसानों तक समय पर और आवश्यकता के अनुरूप खाद पहुंचाने पर है।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में अध्यक्ष सचिन सिंह बघेल और उपाध्यक्ष भरत वर्मा ने सभी शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिए कि खाद, बीज और नगद ऋण वितरण में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। समितियों के माध्यम से किसानों को निर्धारित पात्रता के अनुसार सामग्री उपलब्ध कराने, स्टाक की नियमित समीक्षा करने तथा किसी भी शिकायत का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में शाखा प्रबंधकों को समितियों का सतत निरीक्षण करने, खाद भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की निगरानी रखने तथा किसानों को अनावश्यक चक्कर न लगाने देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष गत वर्ष की तुलना में अधिक मात्रा में खाद का भंडारण किया गया है तथा वितरण भी तेज गति से किया जा रहा है।

खाद वितरण की शर्तों से बढ़ रही किसानों की परेशानी

खरीफ सीजन शुरू होने से पहले खाद वितरण व्यवस्था को लेकर किसान संगठनों ने कई आपत्तियां उठाई हैं। किसानों का कहना है कि प्रति एकड़ एक बोरी खाद देने की व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि अलग-अलग फसलों और भूमि की जरूरतें अलग होती हैं। पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को तीन किश्तों में खाद वितरण की व्यवस्था भी नाराजगी का कारण बनी हुई है। किसान नेताओं का कहना है कि इससे किसानों को बार-बार समितियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके अलावा डीजल उपलब्धता, कृषि बिजली कटौती, खाद की कालाबाजारी और केसीसी ऋण सीमा बढ़ाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है। किसान संगठनों ने शासन से वितरण व्यवस्था को सरल और किसान हितैषी बनाने की मांग की है।

जिले में 32 हजार टन से अधिक खाद का भंडारण

खरीफ सीजन के लिए राजनांदगांव जिले में 45 हजार 650 टन खाद भंडारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 32 हजार 425 टन खाद का भंडारण सहकारी समितियों में किया जा चुका है। किसानों को 19 हजार 810 टन खाद का वितरण भी किया जा चुका है। बैंक के कार्यक्षेत्र में आने वाले चार जिलों में कुल 87 हजार 387 टन खाद का भंडारण किया गया है, जबकि 47 हजार 710 टन खाद किसानों को वितरित की जा चुकी है। अधिकारियों का दावा है कि समितियों में अभी भी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और मांग के अनुसार वितरण जारी है।


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