राजनांदगांव: मई की तपती दोपहर अब लोगों की सहनशक्ति की परीक्षा लेने लगी है। लगातार दो दिनों तक 46 डिग्री सेल्सियस तापमान झेलने के बाद रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके साथ ही राजनांदगांव लगातार तीसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म जिला बना रहा। अब सोमवार से शुरू हो रहे नौतपा ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की आशंका जताई है।
भीषण गर्मी के चलते जिले में हीटवेव जैसे हालात बने हुए हैं। दिन के साथ अब रातें भी तपने लगी हैं। न्यूनतम तापमान 29 डिग्री तक पहुंच रहा है, जिसके कारण देर रात और सुबह के समय भी उमस और गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।
पश्चिमी गर्म हवाओं और अल नीनो का असर
मौसम विज्ञानियों के अनुसार प्रदेश में इस समय उत्तर-पश्चिम दिशा से गर्म और शुष्क हवाएं लगातार प्रवेश कर रही हैं। पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने और बंगाल की खाड़ी से नमी नहीं मिलने के कारण वातावरण पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। इसके चलते तापमान तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो प्रभाव का असर भी मौसम पर दिखाई दे रहा है। अल नीनो के कारण सामान्य मानसूनी गतिविधियां कमजोर होती हैं और गर्मी का असर लंबे समय तक बना रहता है। यही वजह है कि इस बार मई के अंतिम सप्ताह में भीषण गर्मी का दौर और तेज हो गया है।
नौतपा में और बढ़ सकती है तपिश
सोमवार से नौतपा की शुरुआत हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान तापमान में एक से दो डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है। अगले चार-पांच दिनों तक हीटवेव की स्थिति बने रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों ने दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।
घर-दफ्तर भी बन गए भट्ठी
गर्मी का असर अब केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। सीमेंट-कांक्रीट से बने मकानों और दफ्तरों के भीतर भी तापमान असहनीय हो गया है। दोपहर में कई घरों के कमरे तंदूर जैसे गर्म महसूस हो रहे हैं। कूलर और पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं। एसी का उपयोग बढ़ने से बिजली खपत में भी तेजी आई है। दोपहर 11 बजे के बाद बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है।