राजनांदगांव: जोरातराई स्थित क्रेस्ट कंपनी में श्रमिकों का आंदोलन लगातार 11वें दिन भी जारी है। मजदूरों का आरोप है कि 22 वर्षों से संचालित इस इकाई में श्रम कानूनों के पालन, श्रमिक वर्गीकरण और वेतन निर्धारण में गंभीर अनियमितताएं की जा रही हैं, जिससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रेसवार्ता में छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारी व मजदूरों ने बताया कि लगभग 800 कर्मचारियों में करीब 600 श्रमिक कार्यरत हैं, लेकिन इनमें से केवल करीब 90 मजदूरों का ही कुशल और अर्धकुशल श्रेणी के अनुसार वर्गीकरण किया गया है। बाकी श्रमिकों को सही श्रेणी न मिलने के कारण प्रतिमाह 1300 से 2000 रुपये तक कम वेतन मिल रहा है।
साथ ही आरोप है कि कंपनी प्रबंधन द्वारा श्रम विभाग में बैलेंस शीट प्रस्तुत नहीं की गई, जिससे वेतन वृद्धि और बोनस निर्धारण की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। आंदोलनकारी मजदूर पिछले 11 दिनों से कंपनी परिसर के भीतर और बाहर परिवारों सहित धरने पर बैठे हैं और प्रशासन से एडीएम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व श्रम विभाग की मध्यस्थता में बैठक कर समाधान की मांग कर रहे हैं। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।