राजनांदगांव: देश सेवा का सपना देखने वाले युवाओं के लिए शिखर डिफेंस एकेडमी उम्मीद और सफलता का नया केंद्र बनकर उभरी है। मोहरा मेला मैदान स्थित इस संस्था ने महज चार वर्षों में ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसने पूरे अंचल का गौरव बढ़ाया है। एक फरवरी 2022 को स्थापित हुई एकेडमी के अब तक 40 से अधिक छात्र-छात्राओं का विभिन्न सैन्य सेवाओं, सुरक्षा बलों और सरकारी विभागों में चयन हो चुका है। वहीं वर्ष 2026 में ही 15 युवाओं ने सरकारी नौकरियों एवं सैन्य विभागों में सफलता हासिल कर संस्था का नाम रोशन किया है। शिखर डिफेन्स एकेडमी की स्थापना भूतपूर्व सैनिक ओमप्रकाश साहू और शिक्षक देवेश कुमार ने युवाओं को सेना एवं पुलिस भर्ती के लिए बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की थी। उनका सपना था कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं को सही दिशा और मंच मिले, ताकि वे देश सेवा के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। इस अभियान को आगे बढ़ाने में भूतपूर्व सैनिक देवेंद्र देवांगन और भूतपूर्व सैनिक परमेंद्र कुमार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सैन्य अनुभव से समृद्ध यह टीम युवाओं को शारीरिक दक्षता, अनुशासन और मानसिक मजबूती का ऐसा प्रशिक्षण दे रही है, जो उन्हें प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में सफलता दिलाने में मददगार साबित हो रहा है।
सीनियर अभ्यर्थियों का भी मिल रहा मजबूत सहयोग
एकेडमी की सफलता केवल प्रशिक्षकों तक सीमित नहीं है। यहां के वरिष्ठ अभ्यर्थी भी नए युवाओं को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दे रहे हैं। भागीरथी, रोशन, किशोर साहू, गोवर्धन और देवा निषाद जैसे सहयोगी अभ्यर्थी मैदान में नए छात्रों को अभ्यास, फिटनेस और अनुशासन की बारीकियां सिखा रहे हैं। मोहरा मेला मैदान में रोज सुबह और शाम युवाओं की मेहनत, समर्पण और देशभक्ति का अनूठा दृश्य देखने को मिलता है, जहां सैकड़ों सपने पसीने के साथ आकार ले रहे हैं।
चार साल में बदली कई युवाओं की जिंदगी
स्थापना के बाद से शिखर डिफेंस एकेडमी ने क्षेत्र के अनेक युवाओं को रोजगार और सम्मानजनक करियर का अवसर दिलाया है। चार वर्षों में 40 से अधिक चयन और वर्ष 2026 में 15 नई सफलताएं इस बात का प्रमाण हैं कि सही मार्गदर्शन और मेहनत के बल पर राजनांदगांव के युवा किसी भी चुनौती को पार कर सकते हैं। पूर्व सैनिका का लक्ष्य आने वाले वर्षों में चयनित युवाओं की संख्या को और बढ़ाना है, ताकि छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक युवा सेना, सुरक्षा बलों और अन्य सरकारी सेवाओं में शामिल होकर देश की सेवा कर सकें।