राजनांदगांव : गंभीर बीमारी या दुर्घटना के बाद मरीजों को बेहतर उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर दौड़ लगाने की मजबूरी कम हो सकती है। पेंड्री स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में विकसित हो रहा 50 बिस्तरों का क्रिटिकल केयर अस्पताल जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं को नई ताकत देने की तैयारी में है। करीब 23.75 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस केंद्र में गंभीर मरीजों के उपचार के लिए उन्नत चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके शुरू होने से राजनांदगांव सहित आसपास के जिलों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर गहन चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है।
क्रिटिकल केयर अस्पताल में हृदयाघात, ब्रेन स्ट्रोक, सांस लेने में गंभीर परेशानी, संक्रमण और दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीजों के उपचार की व्यवस्था विकसित की जा रही है। ऐसे मरीजों को चौबीस घंटे चिकित्सकीय निगरानी, जीवनरक्षक उपकरणों और विशेषज्ञ चिकित्सा दल की जरूरत होती है। 50 बिस्तरों की अतिरिक्त गहन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने से गंभीर मरीजों के उपचार की क्षमता बढ़ेगी।
23.75 करोड़ रुपये से विकसित हो रहा केंद्र
परियोजना पर कुल 23.75 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें अस्पताल भवन के निर्माण पर करीब 16.23 करोड़ रुपये और चिकित्सा उपकरणों पर 7.12 करोड़ रुपये का प्रावधान है। अस्पताल की नींव 24 जून 2023 को रखी गई थी। भवन का सिविल निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि, विद्युत व्यवस्था, ट्रांसफार्मर, फायर सिस्टम और लिफ्ट से जुड़े कार्य पूरे होने के बाद ही अस्पताल को पूरी तरह तैयार किया जा सकेगा। इसके लिए विद्युत कार्य की निविदा प्रक्रिया भी की जा रही है।
एमआरआइ खरीद की प्रक्रिया जारी
विगत वर्ष 513 बिस्तरों वाले मेडिकल कालेज अस्पताल में सीटी स्कैन जांच की सुविधाएं मुहैया करवाई गई थी। इससे प्रतिदिन 20 से 25 मरीजों की निश्शुल्क जांच हो रही है। इधर, लगभग 24 करेाड़ की लागत से एमआरआइ मशीन की भी खरीद की प्रकिया सीजीएमएससी की ओर से की जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि वर्ष के अंत तक निजी केंद्रों में मिलने वाली ये महंगी सुविधा भी मेडिकल कालजे के मरीजों को निश्शुल्क मिल सकेगी।