राजनांदगांव : आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्व के दौरान कानून व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और वक्फ बोर्ड के निर्देशों के पालन पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, एसडीएम गौतम पाटिल, नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो तथा उप पुलिस अधीक्षक केपी मरकाम सहित समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के निर्देशानुसार मुहर्रम के दौरान डीजे, धुमाल, बैंड-बाजा, नाच-गाना और आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही शेर या अन्य किसी प्रकार का स्वांग धारण कर नृत्य, प्रदर्शन अथवा अन्य गैर-पारंपरिक गतिविधियां भी प्रतिबंधित रहेंगी। बैठक में समाज के प्रतिनिधियों से शासन, प्रशासन और वक्फ बोर्ड के निर्देशों का पालन करते हुए परंपरागत तरीके से मुहर्रम मनाने की अपील की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों अथवा समितियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मन्नती शेरों की परंपरा समाप्त
वक्फ ने मन्नती शेरों की प्रथा को भी इस्लाम के खिलाफ बताया है जिसे लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही अब मुहर्रम पर मन्नती शेरों की परंपरा समाप्त हो जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शहर में मुनादी और जनजागरूकता के माध्यम से लोगों को शेर या अन्य प्रकार का स्वांग धारण नहीं करने की समझाइश दी जाएगी। समाज के प्रतिनिधियों ने भी ऐसे आयोजनों से दूरी बनाए रखने पर सहमति जताई।