राजनांदगांव: घरेलू रसोई गैस की संभावित किल्लत को लेकर फैली अफवाहों ने जिले के उपभोक्ताओं को इस कदर प्रभावित किया कि हजारों लोगों ने जरूरत से पहले ही सिलिंडर बुक करा लिए। हालांकि जब आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी रही और गैस की उपलब्धता में कोई बाधा नहीं आइ तो बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने डिलीवरी लेने से इनकार कर दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि जिले में एक महीने के भीतर 10 हजार से अधिक गैस बुकिंग रद हो गईं। गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि ज्यादातर उपभोक्ताओं ने कैश आन डिलीवरी का विकल्प चुना था, जब एजेंसी के हाकर गैस सिलिंडर लेकर घर पहुंचे तो उपभोक्ताओं ने सिलिंडर खाली नहीं होने के हवाला देते हुए लेने से इंकार कर दिया। वहीं कुछ उपभोक्ता आयल कंपनी की वेबसाइट में बुकिंग को जाकर रद किए हैं। जिसमें उज्ज्वला योजना के हितग्राही भी शामिल हैं। राजनांदगांव जिले में करीब दो लाख 80 हजार गैस कनेक्शन धारी हैं।
मिडिल ईस्ट तनाव के बाद बढ़ी थी चिंता
मार्च में मिडिल ईस्ट क्षेत्र में बढ़े युद्ध तनाव के बाद गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाएं फैलने लगी थीं। इसी दौरान तेल कंपनियों ने शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल पर दोबारा बुकिंग की व्यवस्था लागू की थी। साथ ही डिलीवरी में चार से पांच दिन का समय लगने की जानकारी भी दी गई थी। इन परिस्थितियों ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी और कई लोगों ने जरूरत से पहले ही सिलिंडर बुक कराना शुरू कर दिया। गैस एजेंसियों में पूछताछ बढ़ गई और बाजार में गैस की कमी की चर्चाएं भी तेज हो गईं।
10 दिन में नहीं लिया सिलिंडर तो बुकिंग स्वतः निरस्त
एजेंसी संचालक नरेंद्र डाकलिया ने बताया कि तेल कंपनियों के साफ्टवेयर में ऐसी बुकिंग पर लगातार निगरानी रखी जाती है। यदि कोई उपभोक्ता बुकिंग के 10 दिनों के भीतर सिलिंडर की डिलीवरी नहीं लेता या एजेंसी से उठाव नहीं करता, तो सिस्टम स्वतः बुकिंग निरस्त कर देता है। पिछले एक महीने में रद हुई अधिकांश बुकिंग इसी श्रेणी की बताई जा रही हैं। कई मामलों में गैस हाकर सिलिंडर लेकर उपभोक्ता के घर तक पहुंचा, लेकिन वहां भी लोगों ने बाद में आने की बात कह दी या सिलिंडर लेने से इनकार कर दिया।