राजनांदगांव: चक्रवाती तूफान अर्णब ने धान की तैयार फसल की कटाई लगभग पखवाड़ेभर रोक दी है। इस बार जिले में 1.80 लाख में से लगभग 1.70 लाख हेक्टेयर पर धान की फसल है। हरूना किस्म की फसल कटनी शुरू हो चुकी है। कुछ किसान दीपावली के तुरंत बाद कटाई शुरू करने वाले थे। लेकिन अभी खेतों में अधिक नमी या पानी भरा हुआ है। ऐसे किसानों को अब खेतों के सूखने की प्रतीक्षा है। ताकि हार्वेस्टर मशीन आसानी से घुस सके। उधर तेज हवा और पानी से खेतों में गिरे धान के पौधों को संभालने में भी किसानों को मशक्कत करनी पड़ रही है। उधर मंगलवार से मौसम फिर दो दिनों तक खराब रहने की आशंका ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।
मानसून की अनुकूलता के बीच इस बार किसान अच्छे पैदावार की उम्मीद में थे। सोना पककर तैयार ही हुआ था कि चक्रवाती तूफान ने खड़ी फसल पर कहर बरपा दिया। चार दिनों तक आसमान में बादल छाए रहे। इस बीच दो दिन झड़ी भी लगी रही। इससे दीपावली के पहले कटाई के लिए तैयार फसलों को काफी नुकसान पहुंचा। उधर मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार को एक बार फिर चक्रवाती तूफान की आशंका जताई है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि दक्षिण-पूर्व और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाडी के ऊपर बने चक्रवाती तूफान “मुरासु” के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में तीन और चार नवंबर को अधिकांश स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके चलते फसलोंं की कटाई में और देरी हो सकती है।
मंडी में मिल रहा समर्थन मूल्य से अधिक दाम
दीपावली को देखते हुए कृषि उपज मंडी में नए धान की अच्छी आवक हो रही है। नए धान की कुछ किस्में शासन के समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक कीमत पर बिक रही हैं। दो दिन पहले महामाया धान का अधिकतम भाव 2801 रुपये दर्ज किया गया है। वहीं श्रीराम किस्म का धान 3650 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका। बताया गया कि दीपावली को देखते हुए किसान हरूना धान की कटाई कर उसे सीधे मंडी लेकर पहुंच रहे हैं। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बालोद और दुर्ग जिले के किसान भी अपनी उपज बेचने आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि खरीफ फसल की कटाई, दीपावली त्योहार और रबी सीजन की बोआई के लिए नकदी की जरूरत है। मंडी में व्यापारियों को सीधे धान बेचने पर तत्काल भुगतान भी मिल रहा है।'*