राजनांदगांव: बिजली बिल की चिंता से मुक्ति और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल। जिले का खैरा ऐसा देश का पहला गांव बन गया है, जहां प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सभी 141 घरों में रूफटाप सोलर सिस्टम स्थापित कर दिए गए हैं। अब गांव की हर छत बिजली बनाएगी। खास बात यह है कि इस पूरी व्यवस्था के लिए ग्रामीणों को अपनी जेब से कोई राशि खर्च नहीं करनी पड़ी।
889 की आबादी वाले खैरा गांव में प्रत्येक घर की छत पर दो किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया गया है। इस योजना की शुरुआत अगस्त 2026 में की गई थी जो कि अक्टूबर 2026 में पूर्ण किया गया। इससे गांव की कुल स्थापित क्षमता लगभग 282 किलोवाट हो गई है। केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी के बाद शेष लागत की व्यवस्था कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत की गई। जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों, बैंकों और सीएसआर भागीदारों के बीच समन्वय स्थापित कर इस लक्ष्य को पूरा कराने में अहम भूमिका निभाई।
इस पहल की खासियत यह है कि सौर ऊर्जा का लाभ समाज के कमजोर वर्गों तक भी पहुंचा है। कुल 141 सोलर युक्त घरों में 93 प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों के हैं। यानी गरीब परिवारों के नए घर भी अब बिजली उत्पादन के केंद्र बन गए हैं। सीमित आय वाले विधवा, बुजुर्ग और मजदूरी पर निर्भर परिवारों को इससे हर माह बिजली बिल के खर्च से राहत मिलेगी।
घर-घर पहुंचीं सूर्य सखियां, दूर की भ्रांतियां
योजना को जमीन पर उतारने में स्थानीय महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही। प्रशिक्षित पीएम सूर्य सखियों ने घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों को योजना की जानकारी दी और आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराने में सहायता की। संगीता साहू के साथ पद्मश्री फुलबासन बाई यादव के स्व-सहायता समूह नेटवर्क ने भी जनजागरूकता में योगदान दिया। ग्रामीण सभाओं और विशेष शिविरों के माध्यम से पात्रता, लागत और लाभ समझाए गए। बैंक अधिकारियों ने गांव में ही शिविर लगाकर दस्तावेजों की जांच और बैंकिंग औपचारिकताएं पूरी कराईं।
सोलर सिस्टम लगने से ग्रामीण अब केवल बिजली उपभोक्ता नहीं रहेंगे, बल्कि जरूरत से अधिक बिजली बनने पर उसे ग्रिड में भेजकर ऊर्जा दाता भी बन सकेंगे। खैरा की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में अनुकरणीय मॉडल बनकर उभरी है।
एक नजर में खैरा की उपलब्धि
कुल आबादी : 889
कुल घर : 141
सोलर सिस्टम : 141 घरों में
प्रति घर क्षमता : 2 किलोवाट
कुल स्थापित क्षमता : लगभग 282 किलोवाट
प्रधानमंत्री आवास हितग्राही : 93
अनुसूचित जनजाति : 21 परिवार
अनुसूचित जाति : 4 परिवार
ग्रामीणों पर लागत : शून्य (सीएसआर सहयोग)