राजनांदगांव: ममता नगर के गली नंबर पांच में तीन दशक पुराने आम रास्ते को बंद कर दिए जाने से उपजे विवाद का शनिवार को अंतत: अंत हो गया। महापौर मधुसूदन यादव की समझाइश और नगर निगम प्रशासन की सख्ती से विवाद सुलझा। दो दिन पहले जिस रास्ते से प्रशासन ने अतिक्रमण हटाया था, वहां से सुबह मलबों का ढेर हटाकर आवागमन बहाल कराया गया।
अतिक्रमण हटाने के दौरान खूब हंगामा हुआ था। अतिक्रमणकारी रास्ता देने को तैयार ही नहीं था। शनिवार सुबह महापौर ने अतिक्रमणकर्ता साहू परिवार को समझाइश देकर शासकीय कार्य में सहयोग देने व सार्वजनिक मार्ग में मलबा पाटकर मार्ग अवरूद्ध ना करने की चेतावनी देते हुए मार्ग से क्षतिग्रस्त निर्माण कार्य का मलबा हटवाया। इसके बाद महापौर व निगम प्रशासन की देखरेख में मौके पर मुरम डलवाकर जेसीबी से मार्ग समतलीकरण करवाया गया। इस तरह महापौर मधुसूदन के हस्तक्षेप के बाद मोहल्ले में कई दिनों से चल रहे विवाद का पटाक्षेप हुआ। क्षेत्रवासियों ने महापौर और आयुक्त के प्रति आभार व्यक्त किया है।
वार्डवासियों ने बताया कि रास्ता खुलने से एंबुलेंस, स्कूल बसें और पानी टैंकरों की पूर्व की तरह सुगम आवागमन हो सकेगा। लोगों ने मांग की है कि इस रास्ते पर शीघ्र ही सीमेंटीकरण कराया जाए। ताकि आवाजाही में परेशानी न हो।
एसपी आफिस पहुंचे लोग, उसके बाद खुला रास्ता
दो दिन पहले रास्ते से बाधा हटानेे पहुंची नगर निगम की टीम पर नूतन साहू व उनके परिवार वालों ने हमला करते हुए जमकर विवाद किया था। जेसीबी वाहन में तोड़फोड़, चालक के साथ मारपीट कर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने को लेकर आयुक्त ने कोतवाली थाने में अपराध दर्ज कराया था। उसके बाद से मोहल्ले वालों को धमकी दी जा रही थी। इस बीच आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से लोग डरे हुए थे। गिरफ्तारी की मांग और भविष्य में सुरक्षा कोे लेकर सुबह नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्लै, पार्षद संगीता देवांगन के साथ क्षेत्र के लोग एसपी आफिस ज्ञापन देने पहुंच गए। कुछ देर बाद गिरफ्तारी को लेकर पुलिस टीम नूतन के घर पहुंच गई। तभी समझाइश के बाद मामला शांत हुआ और फिर रास्ता खुल गया।