राजनांदगांव :- छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ द्वारा समाज को संगठित, संस्कारित एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘समाज परिवार की ओर अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में परिवार संस्कार प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले में परिवार संस्कार प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के कार्यकारिणी सदस्य मदन साहू प्रभारी के रूप में शामिल हुए और समाज के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को सामाजिक नियमावली, समाज एवं परिवार के संस्कार तथा वर्तमान सामाजिक गतिविधियों के संबंध में प्रशिक्षण दिया।
कार्यक्रम में रायपुर से पहुंचीं पूनम दीदी ने परिवार संस्कार विषय पर लगभग दो घंटे तक विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने परिवार में आपसी संवाद, बुजुर्गों का सम्मान, बच्चों में संस्कार, पारिवारिक एकता और सामाजिक जिम्मेदारियों के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मदन साहू ने कहा कि वर्तमान समय में परिवारों के भीतर आपसी संवाद और विचारों के तालमेल की कमी लगातार दिखाई दे रही है। परिवार के सदस्य एक साथ बैठकर अपनी समस्याओं और विचारों पर चर्चा नहीं कर पा रहे हैं। इसका असर बच्चों और युवा पीढ़ी पर भी पड़ रहा है। बुजुर्गों के अनुभव और मार्गदर्शन से नई पीढ़ी को जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि परिवार समाज की पहली पाठशाला है। यदि परिवार में संस्कार, अनुशासन, सम्मान और आपसी सहयोग का वातावरण मजबूत होगा तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ेगा। परिवार मजबूत होगा तो समाज भी मजबूत और संगठित बनेगा। कार्यक्रम में समाज में तेजी से आ रहे बदलावों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिकता के दौर में हमारी सामाजिक परंपराओं और संस्कारों को सहेजना जरूरी है। विवाह संस्कार, अंतिम संस्कार सहित विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में समाज की रीति-रिवाजों एवं परंपराओं का पालन हो, इसके लिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। वर्तमान समय में विवाह संबंधी निर्णयों में भी परिवार और समाज की भूमिका कमजोर होती जा रही है। युवा पीढ़ी को अपनी सामाजिक परंपराओं, संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ने के लिए निरंतर संवाद एवं मार्गदर्शन की जरूरत है। कार्यशाला में ऐसी सामाजिक विकृतियों और कुरीतियों को दूर करने के उपायों पर भी चर्चा की गई। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के अध्यक्ष डॉ. निरेन्द्र साहू के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस परिवार संस्कार अभियान की समाज में सराहना हो रही है। अभियान का उद्देश्य परिवारों को संस्कारों से जोड़ने के साथ-साथ सामाजिक एकता, अनुशासन और आपसी समन्वय को मजबूत करना है। मदन साहू ने कहा कि आज के दौर में केवल सामाजिक संगठन मजबूत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक परिवार को संस्कारों की मजबूत नींव से जोड़ना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रदेश साहू संघ द्वारा प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। बताया गया कि प्रदेश स्तर पर प्रशिक्षण के बाद अब सभी जिलों में परिवार संस्कार कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इसके बाद तहसील स्तर, परीक्षेत्र स्तर और फिर गांव-गांव तक इस अभियान को पहुंचाया जाएगा। प्रशिक्षित समाज के पदाधिकारी युवाओं, महिलाओं और परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर परिवार संस्कार, सामाजिक एकता, पारिवारिक जिम्मेदारी एवं सामाजिक कुरीतियों के विषय में चर्चा करेंगे। इसका उद्देश्य समाज के प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर नई पीढ़ी को संस्कारों और सामाजिक मूल्यों से जोड़ना है। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और समाज के पदाधिकारी मिलकर परिवारों में संवाद की परंपरा को मजबूत करें। सामूहिक प्रयासों से ही स्वस्थ, संस्कारित और मजबूत समाज का निर्माण संभव है। कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि संस्कारित परिवार ही मजबूत समाज की नींव है और मजबूत समाज ही देश एवं प्रदेश के विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। परिवार संस्कार अभियान के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने तथा आने वाली पीढ़ी को संस्कार, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का संकल्प लिया गया।