राजनांदगांव :- कभी बिजली बिल की चिंता से परेशान रहने वाले ग्रामीणों के लिए अब सुकून और आत्मनिर्भरता का नया दौर शुरू हो चुका है। राजनांदगांव जिले के छोटे से गांव खैरा ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत शत-प्रतिशत घरों में रूफटॉप सोलर लगाने वाला खैरा देश का पहला गांव बनकर उभरा है। इस उपलब्धि के पीछे ग्रामीणों की एकजुटता, महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और प्रशासनिक प्रयासों के साथ राजनांदगांव कलेक्टर जितेंद्र यादव की महत्वपूर्ण पहल रही है।
कलेक्टर जितेंद्र यादव की पहल ने बदली गांव की तस्वीर*
खैरा गांव में सौर ऊर्जा की इस क्रांति को जमीन पर उतारने में कलेक्टर जितेंद्र यादव की भूमिका उल्लेखनीय रही। उन्होंने ग्रामीणों को सौर ऊर्जा के फायदे समझाने, योजना के प्रति जागरूक करने और शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उनकी पहल और प्रशासनिक सहयोग का ही परिणाम है कि आज खैरा गांव देश के सामने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक मिसाल बनकर खड़ा है। ग्रामीणों को योजना से जोड़ने के लिए किए गए प्रयासों ने न केवल गांव की ऊर्जा जरूरतों को नया रास्ता दिया, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
141 घरों में सौर ऊर्जा, 282 किलोवाट की क्षमता*
889 की आबादी वाले खैरा गांव के कुल 141 घरों की छतों पर दो-दो किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए गए हैं। इस तरह गांव में कुल 282 किलोवाट सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता विकसित हुई है। इस उपलब्धि की सबसे खास बात यह है कि ग्रामीणों को सोलर पैनल लगाने के लिए अपनी जेब से राशि खर्च नहीं करनी पड़ी। केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी के बाद शेष लागत कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से पूरी की गई। गांव के 93 प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के घर भी सौर ऊर्जा से रोशन हो रहे हैं।
अब बिजली के उपभोक्ता नहीं, ऊर्जादाता बने ग्रामीण*
सौर ऊर्जा से गांव की बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। नेट मीटरिंग व्यवस्था के जरिए घरों में उपयोग के बाद बचने वाली बिजली ग्रिड में भेजी जा सकती है। इससे ग्रामीण केवल बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ता नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादन में योगदान देने वाले ऊर्जादाता बन रहे हैं। बिजली बिल के बोझ से राहत और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
सूर्य सखियों ने घर-घर पहुंचाया जागरूकता का संदेश
इस अभियान को सफल बनाने में स्थानीय सूर्य सखियों की भूमिका भी अहम रही। पद्मश्री फुलबासन बाई यादव के नेटवर्क से जुड़ी महिलाओं ने गांव में घर-घर जाकर लोगों को योजना की जानकारी दी। संगीता साहू जैसी सूर्य सखियों ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों को जागरूक किया तथा आवेदन और कागजी प्रक्रिया में सहयोग किया। सरपंच भूपेंद्र यादव के नेतृत्व और प्रशासनिक सहयोग ने इस अभियान को गति प्रदान की।
गरीब और बुजुर्ग परिवारों के लिए राहत की किरण*
गांव के विधवा, बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सौर ऊर्जा व्यवस्था बड़ी राहत लेकर आई है। बिजली बिल पर होने वाला खर्च कम होने से अब परिवार अपनी जरूरतों, दवाइयों और राशन पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। खैरा की यह उपलब्धि केवल सोलर पैनल लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण जीवन में आर्थिक राहत, स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत है।
*खैरा गांव ने यह साबित कर दिया है कि जनभागीदारी, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से छोटे गांव भी देश के लिए बड़े बदलाव का मॉडल बन सकते हैं। कलेक्टर जितेंद्र यादव की पहल और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों से खैरा आज सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राजनांदगांव जिले का गौरव और देश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।