राजनांदगांव :- भारत के लौह पुरुष एवं देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला खपरीकला में विविध कार्यक्रमों का आयोजन उत्साह, उमंग एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने एकता रैली निकालकर ग्रामीणों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता, सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। वहीं सद्भावना दौड़ में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर एकजुटता, अनुशासन और स्वस्थ जीवन का संकल्प प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरदार वल्लभभाई पटेल के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात विद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा एकता रैली निकाली गई। रैली में शामिल विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता से जुड़े प्रेरणादायी नारे लगाते हुए ग्रामीणों को देश की एकता बनाए रखने तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। रैली के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि देश की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, विविधता और आपसी सहयोग में निहित है। इस अवसर पर आयोजित सद्भावना दौड़ में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दौड़ के माध्यम से बच्चों को आपसी सद्भाव, अनुशासन, सहयोग और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। विद्यार्थियों का उत्साह और राष्ट्रभक्ति की भावना पूरे आयोजन के दौरान देखने को मिली। कार्यक्रम के गतिविधि प्रभारी शिक्षक लक्ष्मीकांत शर्मा ने विद्यार्थियों को सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, व्यक्तित्व, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता, दृढ़ संकल्प और कुशल नेतृत्व के बल पर देश की 562 से अधिक रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों के कारण स्वतंत्रता के बाद देश को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य संभव हो सका। उन्होंने विद्यार्थियों से सरदार पटेल के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा देश की एकता और अखंडता के प्रति सदैव समर्पित रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में विद्यालय के समस्त विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने राष्ट्रीय एकता की शपथ ली। सभी ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने तथा जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के भेदभाव से ऊपर उठकर आपसी सद्भाव एवं भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल सरदार पटेल के महान व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण से परिचित कराया गया, बल्कि उनमें राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता, अनुशासन और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का भी सार्थक प्रयास किया गया। विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी रहा।