राजनांदगांव: मोहला विकासखंड के केसला गांव में शुक्रवार शाम तेंदूपत्ता से भरा एक ट्रक भीषण आग की चपेट में आ गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में ट्रक और उसमें लोड पूरा तेंदूपत्ता जलकर खाक हो गया। हादसे में करीब 10 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह बिजली तारों में हुए शार्ट सर्किट को बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार राजनांदगांव निवासी तेंदूपत्ता ठेकेदार योगेश कोटक की ट्रक मटेवा समिति के अडमागोंदी फड़ से तेंदूपत्ता भरकर डोंगरगांव संघ गोदाम जा रही थी। इसी दौरान केसला गांव के पास तेज हवा के कारण बिजली के तार आपस में टकरा गए। तारों से निकली चिंगारी नीचे से गुजर रही तेंदूपत्ता लदी ट्रक पर जा गिरी। सूखे तेंदूपत्ते ने तुरंत आग पकड़ ली और देखते ही देखते आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना के समय ट्रक गांव के बीच से गुजर रही थी और सड़क किनारे कई मकान मौजूद थे। आग फैलने की आशंका को देखते हुए ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए जलती हुई ट्रक को गांव से बाहर तालाब की ओर ले गया। ड्राइवर की इस समझदारी से बड़ा हादसा टल गया, अन्यथा आग आसपास के घरों तक पहुंच सकती थी। हालांकि तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। ट्रक में लोड पूरा तेंदूपत्ता और वाहन पूरी तरह जल गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों और वन विभाग के कर्मचारियों ने मिलकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेज थी कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया।
फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंची
ग्रामीणों और वन विभाग के कर्मचारियों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन समय पर दमकल वाहन मौके पर नहीं पहुंच सका। ग्रामीणों का आरोप है कि जिले में उपलब्ध फायर ब्रिगेड की गाड़ियां खराब हालत में हैं और आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। तेंदूपत्ता ठेकेदार योगेश कोटक ने बताया कि ट्रक में करीब 10 लाख रुपये मूल्य का तेंदूपत्ता भरा हुआ था, जो पूरी तरह जल गया। घटना के बाद जिले की अग्निशमन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।