राजनांदगांव: आधार कार्ड में दर्ज नाम, जन्मतिथि और अन्य व्यक्तिगत जानकारियों में सुधार कराने के नियमों में बदलाव किया गया है। अब आधार में अलग-अलग तरह के संशोधन कराने के लिए निर्धारित दस्तावेजों के साथ शपथ पत्र भी देना होगा। संशोधन की प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है। जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी के माध्यम से कलेक्ट्रेट के अधीन संचालित 28 आधार केंद्रों में संशोधन की सुविधा उपलब्ध है। आधार कार्ड में दर्ज जानकारी में त्रुटि होने के कारण कई लोगों को ई-केवाईसी कराने सहित अन्य सरकारी और गैर सरकारी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरणों में सुधार होने से लोगों को इन प्रक्रियाओं में राहत मिल सकेगी। हालांकि, अब संशोधन के लिए बदलाव की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग दस्तावेज प्रस्तुत करना जरूरी होगा।
मामूली बदलाव के लिए पहचान प्रमाण जरूरी
नियमों के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के नाम में मामूली बदलाव कराने के लिए पहचान प्रमाण अथवा बच्चों के मामले में रिश्ते का प्रमाण प्रस्तुत करना मान्य होगा। वहीं मुखिया के आधार पर जानकारी अपडेट कराने के लिए हेड ऑफ फैमिली (एचओएफ) आधारित प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इसके तहत परिवार के मुखिया से संबंधित विवरण और रिश्ते का प्रमाण महत्वपूर्ण होगा। आधार में डेटा एंट्री के दौरान हुई गलतियों को सुधारने के लिए निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र के साथ पहचान संबंधी दस्तावेज देना होगा। इसी तरह क्षेत्रीय भाषा में दर्ज जानकारी में त्रुटि सुधार कराने के लिए पीओआई (प्रूफ आफ आइडेंटिटी) दस्तावेज की आवश्यकता होगी।
28 केंद्रों में संशोधन की सुविधा
जिले में कलेक्ट्रेट के अधीन संचालित 28 आधार केंद्रों के साथ 10 ग्राम पंचायतों में भी आधार संशोधन की सुविधा उपलब्ध है। नई व्यवस्था के तहत आवेदकों को संशोधन की श्रेणी के अनुसार जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे। इससे आवेदन प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानी और बार-बार केंद्रों के चक्कर लगाने की स्थिति से बचा जा सकेगा।