राजनांदगांव : मोबाइल की दुनिया से बाहर निकलकर प्रकृति और खेलों से जुड़ने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा चौपाटी के पास रविवार सुबह आयोजित मस्ती की पाठशाला में बच्चों और युवाओं का उत्साह देखने को मिला। सात साल बाद दोबारा शुरू हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित शामिल हुए और विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया।
सुबह 5:30 बजे से ही चौपाटी पर हलचल शुरू हो गई। योग, जुंबा डांस और पारंपरिक खेलों ने माहौल को जीवंत बना दिया। पतंजलि भारत स्वाभिमान न्यास के चयनित बच्चों ने योग का प्रदर्शन किया, जिसमें युवाओं और बुजुर्गों ने भी भाग लिया। इसके साथ तीरंदाजी, रस्साकशी, बैडमिंटन, कराटे और सांप-सीढ़ी जैसे खेलों में बच्चों ने उत्साह से हिस्सा लिया।
महापौर मधुसूदन यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों और युवाओं को मोबाइल से दूर कर स्वस्थ गतिविधियों से जोड़ने के लिए यह पहल की गई है। उन्होंने बताया कि नागरिकों की मांग पर बजट में प्रावधान कर यह आयोजन शुरू किया गया है, जो गर्मी की छुट्टियों में हर रविवार सुबह आयोजित होगा।
आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने कहा कि खेल और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से यह पाठशाला नियमित रूप से सुबह 5:30 से 7:30 बजे तक चलेगी। पहले आयोजन में जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें अगले कार्यक्रमों में दूर किया जाएगा। कार्यक्रम में करीब 200 बच्चों ने यामिनी कला केंद्र की ओर से आयोजित चित्रकला में भाग लेकर अपनी रचनात्मकता दिखाई। वहीं बाडी टेक जिम के सदस्यों के साथ सभी ने जुंबा डांस का आनंद लिया। पाठशाला के समापन पर महापौर ने लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई और शहर को साफ रखने का संकल्प दिलाया। इस दौरान लोक गायक कांति कार्तिक यादव ने छत्तीसगढ़ी गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को और आकर्षक बना दिया।