राजनांदगांव: शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय के फर्स्ट सेमेस्टर परीक्षा परिणाम ने छात्रों, अभिभावकों और कालेज प्रशासन के बीच हलचल मचा दी है। गणित विषय में कुल 58 विद्यार्थियों में से 55 छात्रों के एटीकेटी आने से शिक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। खराब परिणाम को लेकर छात्रों में नाराजगी है, वहीं अभिभावकों ने भी मामले को गंभीर बताते हुए उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई है। परिणाम सामने आने के बाद कालेज परिसर में चर्चा का माहौल बना हुआ है। इधर, एनएसयूआइ ने कालेज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एनएसयूआइ के प्रदेश महासचिव राजा यादव के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने शिवनाथ महाविद्यालय प्रशासन से मुलाकात कर गणित विषय के निराशाजनक परिणाम पर कड़ा विरोध जताया। संगठन ने आरोप लगाया कि संबंधित प्राध्यापक की कार्यप्रणाली के कारण बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित हुए हैं। एनएसयूआई नेताओं ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित प्राध्यापक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अभिभावकों ने उच्चाधिकारियों से की शिकायत
विवाद उस समय और गहरा गया जब कुछ अभिभावकों ने संबंधित प्राध्यापक पर विद्यार्थियों को निजी कोचिंग करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। पालकों ने इसकी शिकायत उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक भी की है। एनएसयूआइ जिला महासचिव मिथलेश चंदेल ने कहा कि पहले भी इस तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन हर बार कालेज प्रशासन केवल जांच कमेटी बनाकर मामले को दबाने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा यह मामला बेहद गंभीर है और संगठन इसे लेकर लगातार आवाज उठाता रहेगा।
गठित कमेटी करेगी जांच
इधर महाविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कमेटी गठित करने की बात कही है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई या निष्कर्ष सामने आएगा। हालांकि एनएसयूआइ ने स्पष्ट किया है कि यदि छात्रों को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान एनएसयूआई प्रदेश महासचिव राजा यादव, जिला महासचिव मिथलेश चंदेल, मेहुल कुमार, सतीश साहू, अनमोल सिंह सहित अन्य छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे।