राजनांदगांव: खरीफ सीजन की तैयारी के बीच जिले में खाद भंडारण की रफ्तार अब भी लक्ष्य से पीछे चल रही है। जिले में अब तक निर्धारित लक्ष्य का करीब 65.79 प्रतिशत ही खाद भंडारण हो पाया है। ऐसे में समय पर पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने पर किसानों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। दूसरी ओर डीएपी और अन्य उर्वरकों की आपूर्ति भी प्रभावित बताई जा रही है, जिससे सहकारी समितियों में किसानों की चिंता बढ़ने लगी है।
कृषि विभाग और सहकारी समितियों के अधिकारियों के अनुसार जिले में इस वर्ष खरीफ सीजन के लिए 45 हजार 650 टन खाद भंडारण का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले अब तक करीब 30 हजार 33 टन खाद का भंडारण किया गया है। विभाग का दावा है कि आने वाले दिनों में और रैक पहुंचने के बाद भंडारण बढ़ाया जाएगा, लेकिन किसानों के बीच अभी से खाद संकट की आशंका घर कर गई है।
अधिकारियों के मुताबिक इस बार उर्वरकों की आपूर्ति चरणबद्ध तरीके से हो रही है। निजी कंपनियों से मिलने वाली खाद की मात्रा भी प्रभावित हुई है। इसके कारण समितियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। विभाग का कहना है कि बारिश शुरू होने से पहले लक्ष्य के अनुरूप भंडारण पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
365 सहकारी समितियों के भरोसे वितरण व्यवस्था
जिले में खाद वितरण का जिम्मा 117 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से संभाला जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान सबसे अधिक इन्हीं समितियों पर निर्भर हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि समितियों को लगातार खाद उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
डीएपी की मांग सबसे ज्यादा
खेती की तैयारी के बीच किसानों की पहली पसंद डीएपी खाद बनी हुई है। कई समितियों में डीएपी की सीमित उपलब्धता के कारण किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि बोआई से पहले पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध नहीं होने पर खेती की तैयारी प्रभावित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जून के पहले सप्ताह से खेती की तैयारी तेज होगी। ऐसे में खाद की मांग अचानक बढ़ सकती है। विभाग को समय रहते अतिरिक्त भंडारण सुनिश्चित करना होगा। समितियों में खाद लेने पहुंच रहे किसानों को सीमित मात्रा में वितरण किया जा रहा है, ताकि सभी किसानों को खाद मिल सके।
14972 किसानों का खाद बटी
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को लगातार खाद वितरण किया जा रहा है। जिले में 14972 किसानों को खाद प्रदाय किया जा चुका हैं। जिसमें 7193 मीट्रिक टन यूरिया, 1807 मीट्रिक टन डीएपी, 4669 मीट्रिक टन एनपीके, 1322 मीट्रिक टन एमओपी एवं 2214 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट खाद किसानों को आगामी खरीफ फसलों हेतु वितरण किया जा चुका है तथा समितियों में 4568 मीट्रिक टन यूरिया, 1032 मीट्रिक टन डीएपी, 3082 मीट्रिक टन एनपीके, 1364 मीट्रिक टन एमओपी एवं 1350 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट उर्वरक उपलब्ध है।