राजनांदगांव :नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष द्वारा शहर की मूलभूत समस्याओं को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा पार्षद रवि सिन्हा ने कड़ा और तथ्यात्मक जवाब देते हुए कहा है कि कांग्रेस नेताओं को जनता को भ्रमित करने और केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने की आदत पड़ चुकी है। जिन लोगों के लंबे कार्यकाल में शहर की सड़कें बदहाल हुईं, नालियां जाम रहीं, सफाई व्यवस्था चरमराई और विकास कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए, आज वही लोग जनता के सामने खुद को सबसे बड़ा हितैषी बताने का प्रयास कर रहे हैं।
रवि सिन्हा ने कहा कि राजनांदगांव की जनता भलीभांति जानती है कि वर्षों तक कांग्रेस शासन और उनके निगम प्रशासन के दौरान शहर की क्या स्थिति थी। जगह-जगह गंदगी, अधूरे निर्माण कार्य, टूटी सड़कें, अव्यवस्थित बाजार, जलभराव और भ्रष्टाचार के मामलों ने पूरे शहर को परेशान किया। उस समय कांग्रेस के नेताओं को जनता की तकलीफ दिखाई नहीं देती थी। आज जब भाजपा सरकार और निगम प्रशासन लगातार सुधारात्मक कार्य कर रहा है, तब विपक्ष केवल राजनीतिक बयानबाजी कर अपनी प्रासंगिकता बचाने में लगा हुआ है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार केवल घोषणाएं नहीं बल्कि धरातल पर काम करने में विश्वास रखती है। शहर में लगातार सड़क मरम्मत, नाला सफाई, पेयजल व्यवस्था सुधार, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। बारिश पूर्व तैयारियों को लेकर निगम प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। जिन स्थानों पर समस्याएं हैं, वहां अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए हैं।
जनता की खुशी और मनोरंजन भी रास नही आ रहा रवि सिन्हा ने नेता प्रतिपक्ष के उस बयान पर भी पलटवार किया जिसमें महापौर पर “मस्ती की पाठशाला” चलाने का आरोप लगाया गया है।नगर निगम द्वारा आयोजित “मस्ती की पाठशाला” कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भीषण गर्मी के बीच आम नागरिकों, बच्चों, युवाओं एवं बुजुर्गों को कुछ राहत और आनंद देने का प्रयास है। आज जब लोग तनाव, भागदौड़ और गर्मी से परेशान हैं, तब यदि कुछ पल मनोरंजन, स्वास्थ्य लाभ और बचपन के पुराने खेलों की यादों के माध्यम से जनता के चेहरे पर मुस्कान आती है, तो इसमें गलत क्या है?
दुर्भाग्य की बात है कि नेता प्रतिपक्ष को जनता की खुशी और मनोरंजन भी रास नहीं आ रहा। हर सकारात्मक पहल में राजनीति ढूंढना उनकी नकारात्मक सोच को दर्शाता है। “मस्ती की पाठशाला” के माध्यम से बच्चे मोबाइल और टीवी से दूर होकर पारंपरिक खेलों से जुड़ रहे हैं, युवा स्वास्थ्य गतिविधियों में भाग ले रहे हैं और बुजुर्ग भी पुराने दिनों की यादें ताजा कर रहे हैं। यह सामाजिक जुड़ाव और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक सराहनीय पहल है।
जनता भली-भांति समझती है कि जो लोग वर्षों तक केवल आरोप और विरोध की राजनीति करते रहे, उन्हें अब शहर में सकारात्मक माहौल और जनता की भागीदारी देखकर परेशानी हो रही है। यदि जनता प्रसन्न है, बच्चे खुश हैं और परिवार कुछ सुकून के पल बिता पा रहे हैं, तो इसका स्वागत होना चाहिए, न कि विरोध।
नेता प्रतिपक्ष को हर विषय में राजनीति करने के बजाय जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। शहर के विकास, सामाजिक सौहार्द और जनहित के कार्यों में सहयोग देना ही जनप्रतिनिधियों का दायित्व होता है। उन्होंने कहा कि भाजपा के महापौर मधुसूदन यादव एवं जनप्रतिनिधि लगातार वार्डों में जाकर जनता से संवाद कर रहे हैं, समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं और विकास कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। जनता के बीच रहना और उनकी समस्याओं को सुनना भाजपा की कार्यसंस्कृति है, जबकि कांग्रेस केवल कैमरे और प्रेस विज्ञप्तियों की राजनीति करती है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को यह भी बताना चाहिए कि उनके कार्यकाल में कितने अधूरे कार्य छोड़ दिए गए थे और कितने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की शिकायतें सामने आई थीं। आज भाजपा सरकार उन्हीं अव्यवस्थाओं को सुधारने का काम कर रही है। कांग्रेस नेताओं को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है, न कि झूठे आरोप लगाकर जनता को भटकाने की।
रवि सिन्हा ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य केवल राजनीति करना नहीं बल्कि शहर का समग्र विकास करना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश नेतृत्व की मंशा के अनुरूप “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प के साथ कार्य किया जा रहा है। नगर निगम प्रशासन और भाजपा के जनप्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह हैं और हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि यदि वास्तव में उन्हें शहर और जनता की चिंता है तो वे केवल बयानबाजी छोड़कर विकास कार्यों में सहयोग करें। जनता अब नकारात्मक राजनीति, झूठे आरोप और भ्रम फैलाने की कोशिशों को समझ चुकी है। आने वाले समय में विकास और जनसेवा की राजनीति ही जनता का विश्वास जीतने वाली है, न कि केवल अखबारों में छपने वाली बयानबाजी।