November 03, 2026


सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर जिला स्तरीय राज्योत्सव का भव्य आयोजन

सांसद महेश कश्यप ने किया शुभारंभ, पद्मश्री बुधरी ताती सहित उत्कृष्ट कर्मचारियों और स्वच्छता दीदियों का हुआ सम्मान

जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

विरासत के साथ विकास ही विकसित छत्तीसगढ़ की पहचान-सासंद  कश्यप

राज्योत्सव में विभागीय प्रदर्शनी में शिक्षा विभाग प्रथम, आयुष द्वितीय और महिला एवं बाल विकास विभाग तृतीय सहित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कन्या शिक्षा परिसर पातररास ने प्रथम, पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास ने द्वितीय तथा कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल ने तृतीय स्थान पर रहा

दंतेवाड़ा : छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26 वीं वर्षगांठ के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित मेंडका डोबरा मैदान में ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर जिला स्तरीय एक दिवसीय राज्योत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बस्तर सांसद महेश कश्यप ने मां दंतेश्वरी एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। राज्योत्सव के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं, विकास यात्रा और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर पद्मश्री श्रीमती बुधरी ताती को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए तथा स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली स्वच्छता दीदियों का भी सम्मान किया गया। राज्योत्सव के अवसर पर विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और विभागीय गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए। मुख्य अतिथि सांसद  महेश कश्यप, विधायक  चैतराम अटामी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया तथा अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन और आम नागरिकों को मिल रहे लाभों की जानकारी ली। प्रदर्शनी के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं, उपलब्धियों और जनहितकारी कार्यक्रमों को आम लोगों के सामने प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता की आकर्षक झलक देखने को मिली।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय  अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शी सोच और ऐतिहासिक निर्णय का परिणाम है। एक नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ स्वतंत्र राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। उन्होंने कहा कि  वाजपेयी जी ने प्रदेश की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए छत्तीसगढ़ को अलग पहचान प्रदान की। उनके कार्यकाल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई, जिससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क मार्ग से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ। अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के लिए पृथक जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन और आदिवासी समुदायों के हित में किए गए प्रयास भी महत्वपूर्ण रहे।

सांसद  कश्यप ने कहा कि एक समय बस्तर क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव था और अंदरूनी गांवों तक पहुंचना कठिन होता था, लेकिन आज सड़क, पुल-पुलिया, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, धान खरीदी व्यवस्था, ग्रामीण अधोसंरचना तथा शिक्षा एवं चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जनता ने विश्वास जताया और छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार गरीब परिवारों, किसानों और वनांचल में रहने वाले लोगों के हित में निरंतर कार्य कर रही है। गरीब परिवारों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करना तथा तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान जैसी पहलें जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करते हुए विकास को गति देना तथा योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने सभी से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।

इस मौके पर विधायक  चैतराम अटामी ने अपने उद्बोधन में कहा कि एक नवंबर 2000 को पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय  अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ एक स्वतंत्र राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। छत्तीसगढ़ की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की समृद्ध लोक संस्कृति, लोकगीत, लोककला, तीज-त्योहार और गौरवशाली परंपराएं इसकी वास्तविक पहचान हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर और दंतेवाड़ा की विशिष्ट पहचान पूरे प्रदेश का गौरव है। मां दंतेश्वरी की पावन भूमि अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए देशभर में विशेष स्थान रखती है। विधायक ने कहा कि राज्योत्सव हमें अपनी उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करता है। किसानों, युवाओं, श्रमिकों और आदिवासी समाज की सहभागिता से ही छत्तीसगढ़ समृद्ध और सशक्त बनेगा।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  नंदलाल मुड़ामी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। अलग राज्य बनने से प्रदेश को अपनी विशिष्ट पहचान मिली और विकास की नई संभावनाएं खुलीं। उन्होंने कहा कि एक समय दंतेवाड़ा को नक्सल प्रभावित एवं सुदूर क्षेत्र के रूप में जाना जाता था,  लेकिन आज सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से जिले की तस्वीर बदल रही है। यहां के युवा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी बन रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता और निरंतर विकास प्रयासों से दंतेवाड़ा भविष्य में प्रगति की नई ऊंचाइयां प्राप्त करेगा।

पद्मश्री बुधरी ताती सम्मानित, साथ ही उत्कृष्ट कर्मचारियों, हितग्राहियों को सामग्री वितरण और स्वच्छता दीदियों का सम्मान

राज्योत्सव के अवसर पर जिले में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं कर्मचारियों का सम्मान कर उनके कार्यों की सराहना की गई। पद्मश्री से सम्मानित बुधरी ताती को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में अपने दायित्वों का उत्कृष्ट निर्वहन करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही हितग्राहियों को सामग्री का भी वितरित किये गए। स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर योगदान देने वाली स्वच्छता दीदियों को भी शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। उनके योगदान की सराहना करते हुए स्वच्छता को जनभागीदारी से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व बताया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

राज्योत्सव के दौरान स्कूली बच्चों ने गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति तथा परंपराओं की आकर्षक झलक प्रस्तुत की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को उत्सवमय बना दिया। उपस्थित अतिथियों और नागरिकों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की। वहीं विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहे। इनके माध्यम से आम नागरिकों को शासन की योजनाओं, विभागीय सेवाओं और विकास कार्यों की जानकारी मिली। राज्योत्सव ने प्रदेश की स्थापना से लेकर अब तक की विकास यात्रा को रेखांकित करने के साथ जिले की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने का अवसर प्रदान किया। राज्योत्सव में विभागीय प्रदर्शनी में शिक्षा विभाग प्रथम, आयुष द्वितीय और महिला एवं बाल विकास विभाग तृतीय स्थान पर रहा। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कन्या शिक्षा परिसर पातररास ने प्रथम, पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास ने द्वितीय तथा कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  अरविंद कुंजाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि  संतोष गुप्ता सहित पुलिस अधीक्षक  चंद्रमोहन सिंह, वनमंडलाधिकारी  रामकृष्ण रंगानाथ वाय, अपर कलेक्टर भरतराम ध्रुव, एसडीएम  राजीव कुजूर,  मनीष बघेल एवं श्री राम सिंह शोरी, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती पिंकी मनहर,  अमित भारद्वाज एवं सुश्री चंचल पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि,जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।



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