राजनांदगांव: चक्रवाती तूफान अर्णब से हुए नुकसान से किसान ऊबरे ही नहीं है और मंगलवार से एक बार फिर नए तूफान की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मानसून की अनुकूलता के बीच इस बार किसान अच्छे पैदावार की उम्मीद में थे। धानन के रूप में किसानों का सोना पककर तैयार ही हुआ था कि पिछले सप्ताह चक्रवाती तूफान ने खड़ी फसल पर कहर बरपा दिया। चार दिनों तक आसमान में बादल छाए रहे। इस बीच दो दिन झड़ी भी लगी रही। इससे दीपावली के पहले कटाई के लिए तैयार फसलों को काफी नुकसान पहुंचा। उधर मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार को एक बार फिर चक्रवाती तूफान की आशंका जताई है। इससे किसान परेशान हैं।
मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि दक्षिण-पूर्व और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाडी के ऊपर बने चक्रवाती तूफान “मुरासु” के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में तीन और चार नवंबर को अधिकांश स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके चलते फसलोंं की कटाई में और देरी हो सकती है। इतना ही नहीं इसका प्रभाव समर्थन मूल्य पर धान खरीदी पर भी पड़ने का अंदेशा है। खरीदी 15 नवंबर से शुरू होने वाली है। खेतों में पानी भरे होने या फिर अधिक नमी के कारण किसान समय पर कटाई-मिसाई कर ही नहीं पाएंगे। ऐसे में उन्हें धान बेचने के लिए भी प्रतीक्षा करनी होगी। कृषि विभाग के उप संचालक टीकम सिंह ठाकुर का कहना कै कि किसानों को लगातार मौसम आधारित सम-सामयिक सलाह दी जा रही है। मौसम की परिस्थितियों के अनुरूप से ही फसलोंं की कटाई करना लाभकारी होगा। खेतों में जमा पानी को निकालने का प्रयास पहले किया जाना चाहिए।
प्रमुख शहरों का तापमान
राजनांदगांव 30.0 19.1
रायपुर 30.1 21.5
बिलासपुर 29.5 21.2
दुर्ग 29.6 17.2