राजनांदगांव: भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता खूबचंद पारख की जुबना फिसल गई। कांग्रेस का आरोप है कि उनके द्वारा कथित तौर पर ‘लोकतंत्र बचाओ के बदले लोकतंत्र हटाओ’ का नारा लगाया गया। इसके विरोध में सोमवार को कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने जयस्तंभ चौक पर प्रदर्शन किया। युवा नेता निखिल द्विवेदी के नेतृत्व में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान पारख का पुतला दहन कर उनके बयान पर कड़ी आपत्ति जताई गई तथा सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई।
निखिल द्विवेदी ने कहा कि भाजपा एक ओर लोकतंत्र बचाने की बात करती है। वहीं दूसरी ओर उसके नेता लोकतंत्र को हटाने जैसे नारे लगा रहे हैं। भाजपा का यह दोहरा चरित्र जनता के सामने उजागर हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में देशभर में मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और एसआइआर प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने के विरोध में आवाज उठाई जा रही है। इसी क्रम में दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली के माध्यम से लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का संकल्प लिया जा रहा है। द्विवेदी ने कहा कि भाजपा विपक्ष के लोकतांत्रिक आंदोलनों का जवाब देने के बजाय जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने का प्रयास कर रही है। केंद्र से लेकर कई राज्यों तक भाजपा की सरकारें हैं, ऐसे में भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि वह किससे लोकतंत्र को बचाने की बात कर रही है। वहीं, उसके ही नेता के मंच से लोकतंत्र हटाने का नारा दिया जाना बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस ऐसी लोकतंत्र विरोधी सोच का विरोध करती है। प्रदर्शन में मुख्य रूप से आसिफ अली, पूर्व पार्षद गणेश पवार, शरद पटेल, अभिमन्यु मिश्रा, संदीप सोनी, सौरभ तिवारी, राजा यादव, सन्नी हरिहरण, मोहित कोचरे, मंडल अध्यक्ष निरंजन पासवान, विशाल गढ़े, चंचल देवांगन, जितेंद्र साहू, दुष्यंत पासवान, रोहित एवं दीपक सोनकर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।