राजनांदगांव: गठुला-बोरी-बघेरा क्षेत्र के दर्जनभर गांव के लोगों को न धूल से मुक्ति मिली और न ही सड़क पर गड्ढों से छुटकारा मिल पाया। लगभग डेढ़ माह पहले ग्रामीणों और स्कूली विद्यार्थियों का आंदोलन और उस दौरान आश्वासन के बाद भी गठुला से भेड़ीकला और बघेरा तक की जर्जर सड़क को दुरूस्त नहीं किया जा सका। सितंबर में ग्रामीणों ने चक्काजाम किया था। तब इस आश्वासन के साथ आंदोलन समाप्त कराया गया था कि शीघ्र ही सड़क का नवनिर्माण शुरू करा दिया जाएगा। उसी बीच क्रियान्वयन एजेंसी लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता का स्थानांतरण हो गया। उसके बाद नवनिर्माण तो दूर मरम्मत कार्य भी शुरू नहीं कराया जा सका। उधर राजनांदगांव से खैरागढ़ तक बन रही फोरलेन सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग को लेकर की गई उच्च स्तरीय शिकायत की जांच का भी अता-पता नहीं है।
गठुला से भेड़िकला मार्ग की स्थिति इन दिनों बेहद खराब हो गई है। सड़क निर्माण के नाम पर मार्ग को खोदकर छोड़ दिया गया है, लंबे समय बाद भी निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं होने से ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और बिखरी गिट्टी के कारण बाइक और साइकिल से चलना तक मुश्किल हो गया है। इस मार्ग से प्रतिदिन स्कूल जाने वाले बच्चे भी आवागमन करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार सड़क की खराब स्थिति के कारण कई बार बच्चे असंतुलित होकर गिर जाते हैं। साइकिल और दोपहिया वाहन चालकों के लिए गड्ढों और उबड़-खाबड़ सड़क से निकलना चुनौती बन गया है। ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका से ग्रामीण चिंतित हैं। मार्ग पर मिट्टी और गिट्टी फैली होने के कारण जब कोई बड़ी गाड़ी गुजरती है तो सड़क पर धूल का गुबार उठ जाता है। इससे आसपास से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। धूल के कारण सामने का रास्ता भी कुछ समय के लिए स्पष्ट दिखाई नहीं देता, जिससे दुर्घटना का जोखिम और बढ़ जाता है।
बारिश खत्म, फिर भी निर्माण शुरू होने का इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात समाप्त होने के बाद भी सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। सड़क को खोदकर छोड़ दिए जाने से स्थिति पहले से अधिक खराब हो गई है। लोगों का सवाल है कि आखिर निर्माण कार्य कब पूरा होगा और उन्हें इस परेशानी से कब राहत मिलेगी? सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों में दुर्घटनाओं को लेकर चिंता बनी हुई है। इन सबके बीच दोपहिया वाहन चालकों के लिए सफर जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक मार्ग पर छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल सड़क की समस्या नहीं है, बल्कि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, दोपहिया वाहन चालकों और रोजाना आवागमन करने वाले सैकड़ों लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।
नोटिस दिया गया है
संबंधित ठेकेदार को शीघ्र काम शुरू करने के लिए कई बार नोटिस दिया जा चुका है। मौखिक रूप से भी निर्देशित किया जा रहा है। इसके बाद भी काम शुरू नहीं हो पा रहा। निविदा निरस्त करने शासन को पत्र लिखा जाएगा।
रामनारायण भारद्वाज, कार्यपालन अभियंता, पीएमजीएसवाई