May 26, 2026


महंगाई की मार से कराह रही जनता, केन्द्र सरकार बताए असली आर्थिक स्थिति : सैय्यद अफज़ल अली

मंहगाई अब सिर्फ मुद्दा नहीं, गरीब और मध्यम वर्ग की रोज़ की पीड़ा बन चुकी है

राजनांदगांव : देश में लगातार बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हो रही बेतहाशा वृद्धि और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजों के दाम आसमान छूने से आम जनता की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सैय्यद अफज़ल अली ने केन्द्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब महंगाई केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं रह गई है बल्कि गरीब, मजदूर, किसान और मध्यम वर्ग के लिए रोज की पीड़ा बन चुकी है।उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को देशवासियों को गुमराह करने के बजाय स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि देश की आर्थिक स्थिति आखिर क्या है और आने वाले समय में हालात किस हद तक बिगड़ सकते हैं। जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है ताकि लोग समय रहते परिस्थितियों के लिए खुद को तैयार कर सकें।

अफज़ल अली ने कहा कि पिछले 11 दिनों में चार बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं। चौथी बार हुई बढ़ोतरी में डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। चुनाव खत्म होने के बाद से अब तक पेट्रोल-डीजल के दामों में लगभग 7 रुपये तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक पांच राज्यों के चुनाव चल रहे थे तब तक कीमतें नियंत्रित रखी गईं लेकिन चुनाव समाप्त होते ही लगातार आम जनता पर बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का असर केवल पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहता बल्कि इसका सीधा असर हर घर की रसोई और आम आदमी की जिंदगी पर पड़ता है। परिवहन खर्च बढ़ने से बसों के किराए बढ़ेंगे, सब्जियां महंगी होंगी, दूध, दाल, राशन सहित रोजमर्रा की हर चीज़ की कीमतों में इजाफा होगा। अफज़ल अली ने कहा कि जिन लोगों के पास करोड़ों की संपत्ति है, उन्हें शायद इन बढ़ती कीमतों से फर्क न पड़े, लेकिन रोज कमाने और रोज खाने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बन चुकी है। एक मजदूर की थाली लगातार छोटी होती जा रही है, किसान की कमाई घटती जा रही है और आम आदमी की उम्मीदें टूटती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई की मार ने जनता को लाचार बना दिया है। सरकार को आंकड़ों और दावों से बाहर निकलकर जमीनी हकीकत समझनी चाहिए, क्योंकि केवल आंकड़ों से किसी गरीब का पेट नहीं भर सकता। उन्होंने यह भी कहा कि देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार आगाह कर रहे हैं कि देश में महंगाई का बड़ा आर्थिक तूफान आने वाला है। इसके बावजूद केन्द्र सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है। यदि समय रहते राहत देने वाले ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में इसका असर और भयावह हो सकता है। अंत में उन्होंने केन्द्र सरकार से मांग की कि जनता को वास्तविक आर्थिक स्थिति से अवगत कराया जाए और पेट्रोल-डीजल सहित जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर तत्काल नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।


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