गंडई: नए जिले के गठन के करीब चार साल बाद भी गंडई नगर में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए लोगों को जूझना पड़ रहा है। नगर से ग्राम पंचायत भुरभुरी को जोड़ने वाली सड़क और तिरंगा चौक से पंडरिया पहुंच मार्ग की बदहाली विकास के दावों की हकीकत बयां कर रही है। सड़कों से डामर लगभग गायब हो चुका है और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बरसात के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों को सड़क का अंदाजा लगाना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहता है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला अस्तित्व में आने के बाद क्षेत्र में विकास की नई उम्मीदें जगी थीं। नगर के विकास को लेकर कई घोषणाएं और दावे भी किए गए, लेकिन गंडई में सड़क मरम्मत जैसी मूलभूत जरूरत अब तक पूरी होती नजर नहीं आ रही है। हालात ऐसे हैं कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, यह पहचानना मुश्किल हो गया है। जर्जर सड़कों से आवागमन प्रभावित होने के साथ नगर की सुंदरता पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
विकास की दौड़ में पिछड़ता नजर आ रहा गंडई
स्थानीय लोगों का कहना है कि खैरागढ़ और छुईखदान में विकास कार्य कहीं न कहीं दिखाई दे रहे हैं, लेकिन गंडई अपेक्षित विकास से दूर नजर आ रहा है। कभी अविभाजित राजनांदगांव जिले को सर्वाधिक राजस्व देने वाले शहरों में शामिल गंडई आज बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। मंचों से विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर अलग दिखाई देती है।
स्कूली बच्चों के लिए भी जोखिम भरा सफर
इन बदहाल सड़कों से रोजाना स्कूली विद्यार्थियों का भी आवागमन होता है। गड्ढों के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भी संभलकर गुजरना पड़ता है। पंडरिया मार्ग की बदहाली पर विधायक प्रवक्ता अमित टंडन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत सड़क किनारे सब्जी की रेहड़ी लगाने वालों से नियमित रूप से कर वसूलता है। नगर पंचायत को चाहिए कि इस आय का उपयोग संबंधित सड़क की मरम्मत में करे और बदहाल मार्ग की स्थिति सुधारने पर विशेष ध्यान दे।