राजनांदगांव: गायत्री विद्यापीठ के विद्यार्थियों ने भिलाई में आयोजित राज्य स्तरीय योग प्रतियोगिता में गायत्री विद्यापीठ के 32 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने विभिन्न योग विधाओं एवं प्रदर्शनों में अपनी प्रतिभा, एकाग्रता, शारीरिक संतुलन एवं अनुशासन का परिचय देते हुए कुल 45 पदक प्राप्त किए। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने 20 स्वर्ण, 19 रजत एवं 6 कांस्य पदक जीतकर प्रदेश स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले छात्रों में शिवांश साहू, तनिष्क श्रीवास, मिनख साहू, उन्नति साहू, गुरवेंद्र साहू, कुणाल यादव, प्रणित साहू, प्रतीक चंदेल, सानिध्य साहू, श्रीयांश सोनबोईर, सौर्य साहू, तुष्य बघेल, श्रेयांश सोनबोईर, वेन्या मरकाम, हंशिका, रीतेश गुप्ता, तान्या शर्मा रही। सिल्वर मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में रीपल साहू, तनिष्क श्रीवास्तव, विवान साहू, अनुशा मिश्रा, उन्नति साहू, डालेश्वर, गुरवेन्द्र साहू, मयंक, पीयुष, प्रतीक चंदेल, रविकांत दीपक, सानिध्य साहू, सौर्य साहू, वेन्या मरकाम, रीषिता गुप्ता, तान्या शर्मा। कांस्य पदक प्राप्त करने वाले छात्रों में विवान साहू, गुंजा भारती, अनुशा मिश्रा, अली अब्बास, प्रणित साहू, तुष्य बघेल शामिल है। प्रतियोगिता की विशेष उपलब्धि यह रही कि कुछ विद्यार्थियों ने अलग-अलग योग प्रदर्शनों में दो से तीन पदक हासिल किए। इस प्रकार 32 विद्यार्थियों ने कुल 45 पदक जीतकर विद्यालय को गौरवान्वित किया। इस शानदार सफलता पर सभी पदक विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
भारतीय संस्कृति की ऐसी अमूल्य धरोहर
गायत्री शिक्षण समिति के अध्यक्ष डा.बृजकिशोर सुरजन ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की ऐसी अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक रूप से सशक्त बनाती है। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और साधना से यह सिद्ध किया है कि अनुशासन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियाँ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने की प्रेरणा देती हैं। सभी पदक विजेता विद्यार्थी विद्यालय और समाज के लिए गौरव हैं। सीबीएसई प्राचार्य अंकित व्यास ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्था की वास्तविक सफलता उसके विद्यार्थियों की बहुआयामी उपलब्धियों में निहित होती है। गायत्री विद्यापीठ के विद्यार्थियों द्वारा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 45 पदक प्राप्त करना उनकी प्रतिभा, परिश्रम और विद्यालय में दिए जा रहे समग्र प्रशिक्षण का परिणाम है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक रूप से ही नहीं, बल्कि खेल, योग, अनुशासन और आत्मविश्वास के क्षेत्र में भी सक्षम बनाना है।